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Report by: Ravindra Singh

Agra : ताजनगरी में शौकीनों की सेहत और जेब के साथ खिलवाड़ करने वाले एक बड़े रैकेट का पर्दाफाश हुआ है। आगरा के थाना हरिपर्वत क्षेत्र के अंतर्गत रतनपुरा में पुलिस और आबकारी विभाग की संयुक्त टीम ने छापेमारी कर एक अवैध शराब फैक्ट्री को पकड़ा है। शातिर अपराधी किराए के कमरे में सस्ती देसी शराब को नामी विदेशी ब्रांडों की बोतलों में भरकर बाजार में खपा रहे थे। इस कार्रवाई से जिले के अवैध शराब माफियाओं में हड़कंप मच गया है।

Agra शातिराना अंदाज: सस्ती देसी शराब और नकली QR कोड का खेल

पकड़े गए आरोपियों की कार्यप्रणाली बेहद चौंकाने वाली थी। ये लोग कबाड़ी और अन्य माध्यमों से महंगे ब्रांडों की खाली बोतलें इकट्ठा करते थे। इसके बाद, बाजार से बेहद सस्ती देसी शराब खरीदकर उसे इन ब्रांडेड बोतलों में भर दिया जाता था। ग्राहकों को यह शक न हो कि शराब नकली है, इसके लिए बोतलों पर फर्जी QR कोड और नए ढक्कन लगाए जाते थे। पैकिंग के बाद यह बोतलें बिल्कुल असली नजर आती थीं, जिससे आम आदमी आसानी से झांसे में आ जाता था।

Agra किराए का घर बना ‘क्राइम हब’: शक से बचने की साजिश

पुलिस पूछताछ में सामने आया कि आरोपियों ने जानबूझकर रतनपुरा के घनी आबादी वाले इलाके में एक मकान किराए पर लिया था। उनका मानना था कि एक रिहायशी इलाके में शराब की फैक्ट्री चलाने पर किसी को शक नहीं होगा। वे दिन भर कमरे के भीतर पैकिंग का काम करते थे और रात के अंधेरे में तैयार माल को सप्लाई के लिए भेजते थे। आरोपियों ने कबूल किया कि वे इन बोतलों को असली के दाम पर बेचकर मोटा मुनाफा कमा रहे थे।

Agra अंतरराज्यीय कनेक्शन? आसपास के जिलों में थी भारी सप्लाई

आरोपियों के नेटवर्क का विस्तार केवल आगरा तक ही सीमित नहीं था। जांच में पता चला है कि यह नकली शराब फिरोजाबाद, मथुरा और हाथरस जैसे आसपास के जिलों में भी सप्लाई की जा रही थी। फर्जी QR कोड की छपाई और ढक्कनों की उपलब्धता यह संकेत देती है कि इस गिरोह के तार किसी बड़े प्रिंटिंग प्रेस या संगठित सिंडिकेट से जुड़े हो सकते हैं। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि किन-किन ठेकों या होटलों में यह मिलावटी शराब पहुंचाई गई थी।

Agra भारी मात्रा में बरामदगी और कानूनी शिकंजा

छापेमारी के दौरान पुलिस ने मौके से भारी मात्रा में अवैध सामान जब्त किया है। बरामद सामग्री में शामिल हैं:

  • विभिन्न ब्रांडेड कंपनियों की सैकड़ों खाली और भरी हुई बोतलें।
  • हजारों की संख्या में नकली ढक्कन और होलोग्राम।
  • फर्जी तरीके से प्रिंट किए गए QR कोड के बंडल।
  • बोतलों को सील करने वाली आधुनिक पैकिंग मशीनें।

आबकारी विभाग ने आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और शराब खरीदने वाले सप्लायर्स को भी गिरफ्तार किया जाएगा।

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