DelhiDelhi
Spread the love

Report by: Ganesh Singh

Delhi : मंगलवार सुबह दिल्ली के निज़ामुद्दीन ईस्ट इलाके में उस वक्त गहमागहमी बढ़ गई, जब असम पुलिस की चार सदस्यीय टीम दिल्ली पुलिस के साथ कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पवन खेड़ा के घर (D-12) पहुँची। हालांकि, छापेमारी और पूछताछ की इस कोशिश के दौरान पवन खेड़ा घर पर मौजूद नहीं थे। बताया जा रहा है कि वह दिल्ली से बाहर किसी दूसरे राज्य के दौरे पर हैं। यह कार्रवाई उस समय हुई है जब खेड़ा ने असम के मुख्यमंत्री की पत्नी पर बेहद संगीन आरोप लगाए हैं।

Delhi विवाद की जड़: ‘तीन देशों के पासपोर्ट’ और बेनामी संपत्ति का दावा

इस पूरे विवाद की शुरुआत पवन खेड़ा की एक प्रेस कॉन्फ्रेंस से हुई। खेड़ा ने सार्वजनिक मंच से असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा की पत्नी, रिनिकी भुयान शर्मा पर सनसनीखेज आरोप लगाते हुए दावा किया कि उनके पास तीन अलग-अलग देशों के सक्रिय (Active) पासपोर्ट हैं।

खेड़ा ने न केवल पासपोर्ट बल्कि रिनिकी शर्मा के विदेशों में भारी निवेश और कई ‘बेनामी’ संपत्तियों का भी जिक्र किया था। कांग्रेस नेता का तर्क था कि ये दस्तावेज भ्रष्टाचार और अंतरराष्ट्रीय नियमों के उल्लंघन की ओर इशारा करते हैं। उन्होंने दावा किया था कि इन सबूतों के आधार पर चुनाव परिणामों के बाद मुख्यमंत्री की कुर्सी खतरे में पड़ सकती है।

Delhi रिनिकी शर्मा का पलटवार: ‘AI और फोटोशॉप’ का इस्तेमाल

पवन खेड़ा के इन आरोपों पर रिनिकी भुयान शर्मा ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने इन दावों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि उनके खिलाफ पेश किए गए सभी दस्तावेज पूरी तरह से फर्जी हैं। रिनिकी का आरोप है कि कांग्रेस नेता ने जनता को गुमराह करने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और फोटोशॉप तकनीक का सहारा लेकर जाली सबूत तैयार किए हैं।

मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने भी इस मामले में अपनी पत्नी का बचाव किया है। उन्होंने इस पूरे विवाद के पीछे ‘पाकिस्तानी लिंक’ होने की आशंका जताई है। मुख्यमंत्री का कहना है कि चुनाव को प्रभावित करने के लिए उग्रवादी समूहों और विदेशी ताकतों का सहारा लिया जा रहा है, जिसके चलते खेड़ा पर पहले से ही कई एफआईआर दर्ज हैं।

Delhi ‘जेल कौन जाएगा?’: मुख्यमंत्री और खेड़ा के बीच तीखी बहस

कानूनी कार्रवाई के साथ-साथ इस मामले में राजनीतिक बयानबाजी भी अपने चरम पर है। पवन खेड़ा ने पहले भविष्यवाणी की थी कि भ्रष्टाचार के इन मामलों के चलते चुनाव के कुछ हफ्तों के भीतर ही मुख्यमंत्री जेल की सलाखों के पीछे होंगे।

इस पर मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने पलटवार करते हुए कहा, “चुनाव के बाद हकीकत सामने आ जाएगी कि जेल कौन जाएगा। मुझे पूरा विश्वास है कि पवन खेड़ा अपना आखिरी भाषण असम की जेल के भीतर ही देंगे।” वर्तमान में असम पुलिस खेड़ा की तलाश कर रही है, जिससे यह साफ है कि आने वाले दिनों में यह विवाद और अधिक तूल पकड़ेगा।

Also Read This: Bhilai: भिलाई स्टील प्लांट में टर्बाइन ब्लास्ट: भीषण आग से मची भगदड़, कई कर्मचारी घायल