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=झारखंड के दुमका जिले से ठगी का एक बड़ा मामला सामने आया है, जिसमें भारतीय क्रिकेट टीम (अंडर-19) और रणजी ट्रॉफी में चयन के नाम पर एक सरकारी शिक्षक से एक करोड़ रुपये की उगाही की गई। पुलिस ने इस मामले के मुख्य आरोपी किसलय पल्लव को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।


कैसे बुना गया ठगी का जाल?

दुमका नगर थाना क्षेत्र के बख्शी बांध निवासी किसलय पल्लव ने एक सोची-समझी साजिश के तहत सरकारी शिक्षक बुलबुल कुमार को अपने जाल में फंसाया।

  • भरोसा जीतने का तरीका: आरोपी ने दावा किया कि उसकी पहुंच बीसीसीआई के उच्च अधिकारियों तक है। उसने बुलबुल कुमार के बेटे, आशुतोष आनंद, का चयन अंडर-19 और रणजी टीम में कराने का वादा किया।
  • बड़ी रकम की वसूली: शिक्षक ने अपने बेटे के भविष्य के लिए किस्तों में कुल 1 करोड़ रुपये आरोपी को दिए। इसमें 50 लाख रुपये नकद और 50 लाख रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर किए गए थे।
  • फर्जी दस्तावेज: पैसे लेने के बाद आरोपी ने बीसीसीआई के ‘ज्वाइंट डायरेक्टर’ के नाम से एक नियुक्ति पत्र (लेटर) सौंपा, जिसमें बीसीसीआई का लोगो लगा हुआ था।

खुलासा और पुलिसिया कार्रवाई

जब पीड़ित परिवार ने उस लेटर की जांच की, तो पता चला कि वह पूरी तरह फर्जी था और बीसीसीआई की आधिकारिक लिस्ट में उनके बेटे का कहीं नाम नहीं था।

  1. मुकदमा: ठगी का एहसास होने पर बुलबुल कुमार ने 12 अक्टूबर 2025 को नगर थाना में प्राथमिकी (Case No. 185/25) दर्ज कराई।
  2. दुखद मोड़: न्याय की आस में कानूनी लड़ाई लड़ रहे शिक्षक बुलबुल कुमार की इस बीच बीमारी के कारण मृत्यु हो गई।
  3. गिरफ्तारी: पुलिस ने गहन तफ्तीश के बाद लगभग 6 महीने बाद रविवार को आरोपी किसलय पल्लव को धर दबोचा।

पुलिस अधीक्षक का बयान

दुमका के एसपी पीतांबर सिंह खेरवार ने गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए बताया:

“अंडर-19 टीम में चयन के नाम पर एक करोड़ की ठगी करने वाले आरोपी किसलय पल्लव को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस इस मामले के अन्य पहलुओं और संभावित सहयोगियों की भी जांच कर रही है।”