Spread the love

ईरान और अमेरिका के बीच चल रहा तनाव अब एक नए स्तर पर पहुंच गया है। पिछले 24 घंटों में अमेरिकी सेना को भारी नुकसान पहुंचाने का दावा करने के बाद, ईरान ने अब कूटनीतिक और सोशल मीडिया के मोर्चे पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की घेराबंदी शुरू कर दी है। ईरान की ओर से जारी एक हालिया बयान में ट्रंप का मजाक उड़ाते हुए उन्हें सीधे चुनौती दी गई है।

ईरान का तंज: “ट्रंप, प्लीज कुछ बोलिये, हम बोर हो रहे हैं”

ईरानी सेना द्वारा अमेरिकी फाइटर जेट्स और हेलीकॉप्टरों को मार गिराने के दावों के बीच, जिम्बाब्वे स्थित ईरानी दूतावास के एक सोशल मीडिया पोस्ट ने अंतरराष्ट्रीय सुर्खियां बटोर ली हैं। इस पोस्ट में तंज कसते हुए लिखा गया, “ट्रंप, प्लीज कुछ तो बोलिये, हम बोर हो रहे हैं।” यह बयान ऐसे समय में आया है जब ईरान का दावा है कि उसने अमेरिका के एमक्यू-9 (MQ-9) रीपर ड्रोन और कई क्रूज मिसाइलों को हवा में ही नष्ट कर दिया है। इस तरह की बयानबाजी को अमेरिका की वैश्विक छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।

ट्रंप के दावों पर उठे सवाल और अमेरिकी सेना को नुकसान

ईरान की इस आक्रामकता ने राष्ट्रपति ट्रंप के उन दावों पर सवालिया निशान लगा दिए हैं, जिसमें उन्होंने कहा था कि ईरान की मिसाइल और डिफेंस क्षमता अब लगभग खत्म हो चुकी है। जमीनी हकीकत इसके उलट नजर आ रही है क्योंकि ईरान लगातार तेल-अवीव से लेकर मिडिल-ईस्ट में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बना रहा है। शुक्रवार को हुए हमले में एक अमेरिकी फाइटर जेट के क्रैश होने और उसके पायलट के लापता होने की खबर ने पेंटागन की चिंताएं और बढ़ा दी हैं।

मिडिल-ईस्ट में बढ़ता तनाव और कूटनीतिक बदनामी

ईरान ने पिछले 24 घंटों में अमेरिका के दो फाइटर जेट, एक बड़ा एयरक्राफ्ट और कई हेलीकॉप्टर गिराने का दावा कर अपनी सैन्य शक्ति का प्रदर्शन किया है। इस युद्ध में अमेरिका को न केवल सैन्य बल्कि भारी कूटनीतिक नुकसान भी उठाना पड़ रहा है। ईरान जिस तरह से सीधे राष्ट्रपति को संबोधित कर मजाक उड़ा रहा है, उससे यह साफ है कि वह मनोवैज्ञानिक युद्ध (Psychological Warfare) के जरिए अमेरिका पर दबाव बनाने की रणनीति अपना रहा है।