Report by: Ishu Kumar
Gurugram : हरियाणा की साइबर सिटी गुरुग्राम के सिधरावली गाँव में एक दर्दनाक हादसा सामने आया है, जहाँ एक निजी बिल्डर की निर्माण साइट पर विशाल दीवार गिरने से 7 मजदूरों की मौत हो गई है। नेशनल हाईवे-48 (NH-48) के पास स्थित इस प्रोजेक्ट पर काम के दौरान हुए इस हादसे ने निर्माण सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना में 4 अन्य मजदूर गंभीर रूप से घायल हैं, जिनका अस्पताल में उपचार जारी है।
मिट्टी की खुदाई के दौरान अचानक गिरा मौत का मलबा
Gurugram यह भीषण दुर्घटना सिधरावली स्थित ‘सिग्नेचर ग्लोबल’ की कंस्ट्रक्शन साइट पर हुई। जानकारी के अनुसार, शाम के समय जब मजदूर मिट्टी की खुदाई के काम में जुटे थे, तभी पास की एक निर्माणाधीन दीवार अचानक भरभराकर गिर गई। मलबे का ढेर इतना विशाल था कि काम कर रहे श्रमिकों को संभलने का मौका तक नहीं मिला और वे सीधे उसकी चपेट में आ गए। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचित किया।
राहत और बचाव कार्य: युद्धस्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन जारी
Gurugram सूचना मिलते ही SDRF (राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल), गुरुग्राम पुलिस और दमकल विभाग की कई टीमें मौके पर पहुँचीं। मलबे में दबे लोगों को निकालने के लिए क्रेन और अन्य भारी मशीनों की मदद ली जा रही है। जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी स्वयं घटनास्थल पर मौजूद रहकर बचाव कार्यों की निगरानी कर रहे हैं। घायलों को तत्काल पास के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ कुछ की स्थिति अब भी चिंताजनक बनी हुई है।
कंपनी की बड़ी लापरवाही: सूचना देने में 150 मिनट की देरी
Gurugram मानेसर के डीसीपी दीपक कुमार ने घटना की पुष्टि करते हुए कंपनी प्रबंधन की गंभीर लापरवाही की ओर इशारा किया है। उन्होंने बताया कि यह हादसा शाम करीब 7:00 बजे हुआ था, लेकिन निर्माण कंपनी ने इसकी आधिकारिक जानकारी जिला प्रशासन को रात लगभग 9:30 बजे दी।
प्रशासन का मानना है कि यदि ढाई घंटे की यह देरी न हुई होती और रेस्क्यू टीमें समय पर पहुँच जातीं, तो शायद कुछ और जिंदगियों को बचाया जा सकता था। पुलिस अब इस देरी और निर्माण स्थल पर सुरक्षा प्रोटोकॉल के उल्लंघन की गहन जांच कर रही है।
मुख्य बिंदु:
- स्थान: सिधरावली गाँव, नेशनल हाईवे-48, गुरुग्राम।
- हताहत: 7 की मृत्यु, 4 गंभीर घायल।
- जांच: सूचना देने में देरी और सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर FIR की प्रक्रिया जारी।
यह घटना एक बार फिर विकास की अंधी दौड़ में मजदूरों की सुरक्षा की अनदेखी को उजागर करती है।
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