By: Ishu Kumar
Balod : छत्तीसगढ़ के बालोद जिले से एक बेहद चौंकाने वाली खबर सामने आई है, जहाँ जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद हड़कंप मच गया। सोमवार को न्यायालय प्रशासन को एक अज्ञात ईमेल प्राप्त हुआ, जिसमें कोर्ट परिसर को विस्फोट से उड़ाने की चेतावनी दी गई थी। इस धमकी भरे संदेश के मिलते ही न्यायिक गलियारों में अफरा-तफरी का माहौल निर्मित हो गया और आनन-फानन में पूरे परिसर को खाली कराया गया।

सुरक्षा के मद्देनजर मजिस्ट्रेटों का रेस्क्यू और अधिवक्ताओं की निकासी
Balod धमकी की सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सुरक्षा का घेरा कड़ा कर दिया। सबसे पहले एहतियात बरतते हुए न्यायालय के सभी मजिस्ट्रेटों और न्यायिक अधिकारियों को पुलिस सुरक्षा के बीच सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया। वर्तमान में सभी जजों को सर्किट हाउस में शिफ्ट किया गया है, जहाँ पुलिस की भारी तैनाती की गई है।
साथ ही, कोर्ट में मौजूद सैकड़ों अधिवक्ताओं, मुंशियों और पक्षकारों को भी तत्काल बाहर निकाल दिया गया। पुलिस ने कोर्ट के मुख्य द्वारों को सील कर दिया है और किसी भी बाहरी व्यक्ति के प्रवेश पर पूरी तरह से पाबंदी लगा दी गई है। सुरक्षा कारणों से कोर्ट की कार्यवाही को फिलहाल स्थगित कर दिया गया है।

बम डिस्पोजल स्क्वाड और डॉग स्क्वाड की सघन जांच
Balod धमकी मिलने के कुछ ही समय बाद जिला पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुँच गए। कोर्ट परिसर की गहन तलाशी के लिए बम डिस्पोजल स्क्वाड (BDS) और डॉग स्क्वाड को बुलाया गया है। पुलिस की टीमें कोर्ट के चप्पे-चप्पे, रिकॉर्ड रूम, जजों के चेंबर और पार्किंग एरिया की जांच कर रही हैं।

अभी तक की जांच में पुलिस को कोई संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई है, लेकिन प्रशासन किसी भी तरह का जोखिम नहीं लेना चाहता। पुलिस विभाग के विशेषज्ञों द्वारा उस ईमेल के आईपी एड्रेस (IP Address) को भी ट्रैक किया जा रहा है, जिससे यह धमकी भेजी गई थी।
क्षेत्र में दहशत का माहौल और पुलिस की अपील
Balod न्यायालय जैसी संवेदनशील जगह को निशाना बनाने की इस धमकी के बाद शहर में दहशत का माहौल है। पुलिस प्रशासन ने जनता से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें और शांति बनाए रखें। अधिकारियों का कहना है कि यह किसी शरारती तत्व की हरकत भी हो सकती है, लेकिन सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करना अनिवार्य है।
इस घटना ने एक बार फिर सरकारी संस्थानों और न्यायिक परिसरों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस महानिदेशक कार्यालय से भी मामले की निगरानी की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही कोर्ट परिसर को दोबारा खोलने पर फैसला लिया जाएगा। फिलहाल, पूरे बालोद शहर में अलर्ट जारी कर दिया गया है।
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