By: Yogendra Singh
Munger : जिले में बाल श्रम के खिलाफ श्रम प्रवर्तन विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए चार बच्चों को मजदूरी से मुक्त कराया है। यह कार्रवाई बरियारपुर थाना क्षेत्र के बहादुरपुर स्थित एक गैरेज में की गई, जहां नाबालिग बच्चों से काम कराए जाने की सूचना विभाग को मिली थी। सूचना की पुष्टि होने के बाद टीम ने योजनाबद्ध तरीके से छापेमारी की और सभी बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला।
गुप्त सूचना पर की गई छापेमारी
Munger श्रम प्रवर्तन विभाग को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि बहादुरपुर इलाके के एक गैरेज में कम उम्र के बच्चों से काम लिया जा रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए विभाग ने कई दिनों तक उस स्थान की निगरानी की। पुख्ता जानकारी मिलने के बाद बरियारपुर के श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी दिलीप कुमार के नेतृत्व में टीम ने छापा मारा।
कार्रवाई के दौरान जमालपुर, धरहरा और असरगंज के श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी भी मौके पर मौजूद रहे। छापेमारी के समय गैरेज में चार बच्चे काम करते पाए गए, जिन्हें तत्काल वहां से मुक्त कराया गया। सभी बच्चे बहादुरपुर क्षेत्र के ही निवासी बताए जा रहे हैं।
मेडिकल जांच और CWC को सौंपे गए बच्चे
Munger मुक्त कराए गए बच्चों को सबसे पहले चिकित्सकीय जांच के लिए भेजा गया, ताकि उनके स्वास्थ्य की स्थिति का आकलन किया जा सके। इसके बाद आगे की देखरेख और पुनर्वास की प्रक्रिया के तहत बच्चों को चाइल्ड वेलफेयर कमेटी (CWC) के हवाले कर दिया गया।
श्रम विभाग की ओर से तत्काल राहत के रूप में प्रत्येक बच्चे को तीन-तीन हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की गई है। इसके अलावा बिहार सरकार की योजना के तहत हर बच्चे के नाम पर 25-25 हजार रुपये की फिक्स्ड डिपॉजिट कराने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है, ताकि भविष्य में उनकी शिक्षा और भरण-पोषण में सहायता मिल सके।
गैरेज संचालक पर प्राथमिकी, परिवारों को योजनाओं से जोड़ा जाएगा
Munger बच्चों से काम कराने वाले गैरेज संचालक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। साथ ही संबंधित प्रावधानों के तहत जुर्माना और अन्य कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी ने अभिभावकों से अपील की है कि वे अपने बच्चों को मजदूरी में न लगाएं, बल्कि उन्हें स्कूल भेजें और शिक्षा दिलाएं। विभाग का कहना है कि बाल श्रम पर रोक लगाने के साथ-साथ प्रभावित परिवारों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने की दिशा में भी प्रयास किए जाएंगे, ताकि आर्थिक मजबूरी के कारण बच्चों का भविष्य अंधकारमय न हो।
यह कार्रवाई जिले में बाल श्रम के खिलाफ चल रहे अभियान का हिस्सा है और विभाग ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी ऐसी गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जाएगी।
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