Bir Soren FuneralBir Soren Funeral
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By: Ishu Kumar

Bir Soren Funeral : झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन के पोते बीर सोरेन का दो दिन पूर्व हिमाचल प्रदेश के कुल्लू-मनाली में असामयिक निधन हो गया। इस दुखद खबर के बाद पूरे राज्य में शोक की लहर दौड़ गई। पार्थिव शरीर को पहले जमशेदपुर लाया गया और वहां से सरायकेला स्थित उनके पैतृक गांव झिलिंगगोड़ा पहुंचाया गया। शुक्रवार को गांव में पूरे पारंपरिक रीति-रिवाज और धार्मिक विधि-विधान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया।

गांव में सुबह से ही लोगों का आना शुरू हो गया था। हर आंख नम थी और माहौल बेहद गमगीन नजर आ रहा था। हजारों की संख्या में ग्रामीणों और समर्थकों ने अंतिम दर्शन कर दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि दी।

अंतिम यात्रा में शामिल हुए कई प्रमुख नेता

Bir Soren Funeral अंतिम संस्कार में राज्य और केंद्र स्तर के कई दिग्गज नेता शामिल हुए। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन स्वयं झिलिंगगोड़ा पहुंचे और करीब 40 मिनट तक चंपई सोरेन के साथ रहकर उन्हें ढांढस बंधाया। उन्होंने पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली और इसे अत्यंत दुखद घटना बताया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी दादा को अपने पोते और किसी पिता को अपने पुत्र को कंधा देना पड़े, इससे बड़ी पीड़ा की कल्पना नहीं की जा सकती। उन्होंने परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार और पूरा प्रदेश इस कठिन समय में उनके साथ खड़ा है।

इसके अलावा केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा और अर्जुन मुंडा, पूर्व सांसद गीता कोड़ा तथा सांसद जोबा माझी समेत कई विधायक और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

नेताओं ने जताई गहरी संवेदना

Bir Soren Funeral धर्मेंद्र प्रधान ने बताया कि जैसे ही उन्हें निधन की सूचना मिली, उन्होंने तुरंत फोन पर चंपई सोरेन से बात कर शोक संवेदना व्यक्त की। बाद में वे स्वयं उनके आवास पहुंचे और पार्थिव शरीर पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना की कि परिवार को इस असहनीय दुख को सहने की शक्ति मिले।

अर्जुन मुंडा ने भी शोक प्रकट करते हुए कहा कि यह घटना अत्यंत पीड़ादायक है। उन्होंने दिवंगत आत्मा की शांति और परिवार को धैर्य प्रदान करने की कामना की।

गांव में पसरा मातम, नम आंखों से दी विदाई

Bir Soren Funeral झिलिंगगोड़ा गांव में शोक का वातावरण स्पष्ट रूप से देखा गया। हर घर में मातम का माहौल था। ग्रामीणों ने अपने “नन्हें लाल” को अंतिम विदाई देते समय भावुक होकर श्रद्धांजलि दी।

इस दुखद घटना ने न केवल सोरेन परिवार बल्कि पूरे क्षेत्र को व्यथित कर दिया है। राज्यभर से लोग संवेदना संदेश भेज रहे हैं और दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना कर रहे हैं।

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