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By: Yogendra Singh

Nawada : जिले के रजौली स्थित अनुमंडलीय अस्पताल में एक 15 वर्षीय किशोरी की इलाज के दौरान मौत हो जाने से परिजनों में आक्रोश है। मृतका की पहचान सिरदला थाना क्षेत्र के परनाडाबर गांव निवासी लालजीवन मांझी की पुत्री उंगता कुमारी के रूप में हुई है। घटना के बाद अस्पताल प्रशासन पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए जा रहे हैं।

परिजनों का कहना है कि इलाज के दौरान बच्ची की स्थिति बिगड़ती रही, लेकिन समय पर समुचित देखभाल नहीं की गई। वहीं अस्पताल प्रबंधन का दावा है कि प्राथमिक उपचार के बाद मरीज को रेफर करने की सलाह दी गई थी।

बुखार की शिकायत के बाद अस्पताल में भर्ती

Nawada जानकारी के अनुसार किशोरी को तेज बुखार की शिकायत थी। पहले उसे सिरदला स्थित अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन तबीयत में सुधार नहीं होने पर परिजन उसे दोपहर करीब एक बजे रजौली अनुमंडलीय अस्पताल लेकर पहुंचे।

ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक डॉ. सूरज कुमार ने प्राथमिक जांच के बाद स्लाइन और आवश्यक दवाएं दीं। इसी दौरान उपचार के क्रम में किशोरी की मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि बच्ची की हालत गंभीर होने के बावजूद लगातार निगरानी नहीं की गई और ऑक्सीजन भी मृत्यु के बाद कुछ समय तक चलती रही।

परिजनों ने लगाए लापरवाही के आरोप

Nawada मृतका की मां ने बताया कि चिकित्सक एक बार देखने के बाद अन्य कार्य में व्यस्त हो गए। दवा काउंटर पर मौजूद कर्मियों ने यह कहकर दवा देने से मना कर दिया कि निर्धारित समय के बाद वितरण नहीं होता।

उन्होंने आरोप लगाया कि इलाज के दौरान न तो नियमित जांच की गई और न ही स्थिति बिगड़ने पर तत्काल कदम उठाया गया। परिजनों का कहना है कि अगर समय रहते समुचित उपचार मिलता तो उनकी बेटी की जान बचाई जा सकती थी।

पीड़ित परिवार पहले से ही आर्थिक और पारिवारिक संकट से गुजर रहा था। बच्ची के पिता को हाल ही में लकवा मार गया था, जिसके बाद परिवार काम छोड़कर गांव लौट आया था। घर लौटते समय ही किशोरी की तबीयत बिगड़ी थी।

अस्पताल प्रशासन ने कही जांच की बात

Nawada इस मामले में प्रभारी डीएस डॉ. दिलीप कुमार ने बताया कि इलाज के दौरान बच्ची की मौत हुई है। उन्होंने कहा कि प्राथमिक उपचार के बाद मरीज को बेहतर इलाज के लिए रेफर करने की सलाह दी गई थी।

साथ ही उन्होंने फार्मासिस्ट और डाटा एंट्री ऑपरेटर की भूमिका की जांच कर आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया है। घटना के बाद अस्पताल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं और परिजन निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।

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