Dabra : शहर में नवग्रह शक्तिपीठ की प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव की शुरुआत उत्साह और भव्यता के साथ हुई थी, लेकिन यह धार्मिक आयोजन कुछ ही समय में एक दर्दनाक हादसे में बदल गया। मंगलवार को निकाली गई कलश यात्रा के दौरान अचानक भीड़ बेकाबू हो गई, जिससे भगदड़ मच गई। इस हादसे में एक महिला की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि करीब पांच अन्य महिलाएं गंभीर रूप से घायल हो गईं। घटना के बाद आयोजन स्थल पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया और श्रद्धालुओं में दहशत फैल गई।

हजारों श्रद्धालुओं की मौजूदगी, अचानक बिगड़े हालात
Dabra नवग्रह शक्तिपीठ का यह आयोजन 10 से 20 फरवरी तक चलने वाले 11 दिवसीय महोत्सव का हिस्सा है, जिसे पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा के नेतृत्व में आयोजक समिति द्वारा आयोजित किया जा रहा है। कलश यात्रा स्टेडियम ग्राउंड से शुरू होकर शहर के प्रमुख मार्गों से गुजर रही थी। यात्रा में हजारों की संख्या में महिलाएं शामिल थीं, जो एक जैसे रंग की साड़ियों में सिर पर कलश लेकर चल रही थीं। भारी भीड़ के कारण कई स्थानों पर यातायात और आवाजाही पहले से ही प्रभावित थी।
संकरे मार्ग पर बढ़ा दबाव, मची भगदड़
Dabra प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जब यात्रा एक चौराहे और संकरे रास्ते की ओर बढ़ी, तो आगे बढ़ने की होड़ और पीछे से लगातार धक्का लगने लगा। भीड़ का दबाव अचानक बढ़ गया और महिलाओं के बीच धक्का-मुक्की शुरू हो गई। कई श्रद्धालु सड़क पर गिर पड़े। इसी दौरान एक महिला गंभीर रूप से घायल हो गई और मौके पर ही उसकी मौत हो गई। अन्य घायल महिलाओं को तुरंत सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। डॉक्टरों के मुताबिक कुछ घायलों की हालत नाजुक बनी हुई है, जिन्हें बेहतर इलाज के लिए ग्वालियर रेफर किया गया है।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल, जांच शुरू
Dabra हादसे की सूचना मिलते ही मृतका के परिजन मौके पर पहुंचे और आयोजकों व पुलिस प्रशासन पर लापरवाही के आरोप लगाए। परिजनों का कहना है कि इतनी बड़ी भीड़ के बावजूद पर्याप्त सुरक्षा, भीड़ नियंत्रण और आपातकालीन सेवाओं की व्यवस्था नहीं थी। कुछ समय के लिए मौके पर तनाव की स्थिति भी बनी रही। पुलिस ने स्थिति को संभालते हुए भीड़ को नियंत्रित किया और मामले की जांच शुरू कर दी है।
उल्लेखनीय है कि आयोजन से पहले कलेक्टर रुचिका चौहान और एसपी धर्मवीर सिंह यादव ने तैयारियों का निरीक्षण किया था, इसके बावजूद इस तरह की घटना ने प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आयोजक समिति ने घटना पर गहरा दुख जताते हुए मृतक महिला के परिवार को हरसंभव सहायता देने का आश्वासन दिया है। यह हादसा एक बार फिर बड़े धार्मिक आयोजनों में सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन की अहमियत को रेखांकित करता है।
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