By: Yogendra Singh
Saharsa : विद्युत विभाग में तैनात एक सुरक्षा गार्ड की करंट लगने से हुई मौत ने विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मृतक की पहचान सत्तर कटैया प्रखंड के सुखासन (वार्ड नंबर 3) निवासी रंजीत कुमार यादव के रूप में हुई है। रविवार दोपहर करीब 1 बजे हुई इस घटना के बाद मृतक के परिजनों में कोहराम मच गया है और ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है।
ड्यूटी सुरक्षा की, पर चढ़ा दिया बिजली के पोल पर
Saharsa परिजनों द्वारा लगाए गए आरोप बेहद चौंकाने वाले हैं। बताया जा रहा है कि रंजीत कुमार यादव विद्युत विभाग में गार्ड के पद पर कार्यरत थे, जिनका मुख्य कार्य गेट का संचालन करना था। आरोप है कि विभाग के कुछ वरिष्ठ कर्मी उन्हें सुपौल जिले के परशर्मा गांव ले गए और वहां बिजली के तारों के बीच फंसी पेड़ की टहनी काटने के लिए पोल पर चढ़ा दिया। रंजीत तकनीकी रूप से प्रशिक्षित नहीं थे, और इसी दौरान वे हाई वोल्टेज तार की चपेट में आ गए, जिससे उनकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।
Saharsa विद्युत कार्यालय का घेराव और भारी विरोध प्रदर्शन
जैसे ही रंजीत की मौत की खबर सहरसा पहुंची, सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण और परिजन सहरसा विद्युत विभाग के कार्यालय पर जमा हो गए। आक्रोशित लोगों ने कार्यालय का घेराव कर दिया और लगभग पांच घंटों तक बिजली आपूर्ति बाधित कर अपना विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि एक सुरक्षा गार्ड को तकनीकी कार्य के लिए मजबूर करना सीधे तौर पर उसकी हत्या है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एसडीपीओ आलोक कुमार, सहरसा थाना प्रभारी सुबोध कुमार और अंचलाधिकारी शिखा सिंह भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे।
प्रशासन का आश्वासन और मुआवजे की मांग
Saharsa प्रशासनिक अधिकारियों ने आक्रोशित परिजनों को काफी मशक्कत के बाद शांत कराया। अधिकारियों द्वारा मृतक के परिवार को उचित मुआवजा देने और उनकी पत्नी को सरकारी नौकरी दिलाने का लिखित आश्वासन दिया गया है। चूंकि घटना सुपौल जिले की सीमा में हुई थी, इसलिए शव का पोस्टमार्टम और आगे की कानूनी प्रक्रिया सुपौल सदर थाना द्वारा की जा रही है। वर्तमान में, परिजन प्रशासन द्वारा दिए गए वादे के अनुसार सोमवार शाम 6 बजे तक मुआवजे का इंतजार कर रहे हैं। परिजनों का स्पष्ट कहना है कि यदि न्याय नहीं मिला, तो वे पुनः आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
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