Nainital : जिले में पर्यटन को जोड़ने वाले प्रमुख मोटर मार्गों की स्थिति बेहद खराब है। चांफी–मुक्तेश्वर–भालुगाड़, पंगुट–देचौरी और बेतालघाट–कैंचीधाम सहित दर्जनों सड़कें जर्जर हो चुकी हैं। इन मार्गों पर वाहन चलाना मुश्किल होने के साथ ही पैदल चलना भी जोखिम भरा हो गया है। हालात इतने चिंताजनक हैं कि स्थानीय लोग और पर्यटक दोनों ही लगातार परेशान हैं।
Nainital गड्ढों में तब्दील सड़कें और कठिन आवाजाही
पर्यटन स्थलों को जोड़ने वाली ये सड़कें जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढों में तब्दील हो चुकी हैं। कई जगह यह समझना मुश्किल हो गया है कि सड़क है या गड्ढा। स्थानीय लोगों ने बार-बार शिकायत की, लेकिन अभी तक कोई स्थायी सुधार नहीं हुआ। कोटाबाग मार्ग जैसे मार्गों पर 30–35 किलोमीटर चलने के बाद यात्रियों को अपनी गाड़ियां वापस लौटानी पड़ती हैं क्योंकि मार्ग बंद हो जाता है। सड़क बंद होने के बावजूद चेतावनी बोर्ड नहीं लगाए गए हैं। उल्लेखनीय है कि इसी मार्ग पर पहले भी एक हादसा हो चुका है जिसमें पांच लोगों की जान गई थी।

पैंचवर्क फेल और बजट की कमी
मुख्यमंत्री की फटकार के बाद मरम्मत के लिए बजट तो जारी किया गया, लेकिन सड़कें केवल अल्पकालिक सुधार तक ही सीमित रहीं। पैंचवर्क जल्दी ही उखड़ गया और गड्ढे फिर से बन गए। अधिकारियों का कहना है कि बजट सीमित है, लेकिन जमीनी हालात दर्शाते हैं कि स्थायी समाधान की कमी है।
खस्ताहाल सड़कें न केवल पर्यटन को प्रभावित कर रही हैं, बल्कि यह बड़े हादसों का भी कारण बन रही हैं। विशेषज्ञ और स्थानीय लोग चेतावनी दे रहे हैं कि यदि समय पर इन मार्गों की स्थायी मरम्मत नहीं की गई, तो आने वाले दिनों में और भी दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाएगा।
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