OBC JobsOBC Jobs
Spread the love

OBC Jobs: मध्य प्रदेश सरकार का बड़ा फैसला, कई योजनाओं को मिली मंजूरी

मध्य प्रदेश सरकार ने अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के युवाओं के लिए रोजगार और विकास से जुड़ा एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई मंत्री-परिषद की बैठक में वर्ष 2022 की पुरानी योजना में संशोधन कर नई योजना “अन्य पिछड़ा वर्ग के युवाओं के लिए विदेश में रोजगार नियोजन योजना–2025” को स्वीकृति दी गई है। इस फैसले को सामाजिक सशक्तिकरण और रोजगार के क्षेत्र में बड़ा कदम माना जा रहा है।

OBC Jobs: सरकारी खर्च पर विदेश जाकर रोजगार का अवसर

संशोधित योजना के तहत अब ओबीसी वर्ग के बेरोजगार युवक-युवतियां सरकारी खर्च पर रोजगार के लिए किसी भी देश में जा सकेंगे। पहले यह सुविधा सीमित देशों तक ही थी, लेकिन अब युवाओं को वैश्विक स्तर पर अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे। सरकार इस योजना पर अगले तीन वर्षों में कुल 45 करोड़ रुपये खर्च करेगी। इसके अंतर्गत प्रतिवर्ष लगभग 600 ओबीसी युवाओं को विदेश में रोजगार दिलाने का लक्ष्य तय किया गया है।

OBC Jobs: योजना से आत्मनिर्भरता और वैश्विक अनुभव

एमएसएमई मंत्री चैतन्य कश्यप ने बताया कि यह योजना युवाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय कार्य अनुभव भी प्रदान करेगी। इससे न केवल युवाओं की आय में वृद्धि होगी, बल्कि प्रदेश को कुशल मानव संसाधन भी मिलेगा। सरकार का मानना है कि इस पहल से ओबीसी वर्ग के सामाजिक-आर्थिक स्तर में उल्लेखनीय सुधार आएगा।

टाइगर रिजर्व बफर क्षेत्रों के विकास को हरी झंडी

मंत्री-परिषद ने प्रदेश के 9 टाइगर रिजर्व के अंतर्गत आने वाले बफर क्षेत्रों के विकास के लिए अगले पांच वर्षों (2026-27 से 2030-31) में 390 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति भी दी है। इस योजना के तहत वन्य प्राणी सुरक्षा, जल स्रोतों का विकास, चारागाह विस्तार, अग्नि सुरक्षा, वन्य प्राणियों का उपचार, स्वास्थ्य परीक्षण और स्थानीय लोगों के कौशल उन्नयन जैसे कार्य किए जाएंगे।

सिंचाई परियोजनाओं और भूमि संबंधी निर्णय

नर्मदापुरम जिले में सिंचाई परियोजनाओं के लिए 215 करोड़ 47 लाख रुपये की स्वीकृति दी गई है। तवा परियोजना की बागरा शाखा नहर पर यह राशि खर्च की जाएगी, जिससे लगभग 4,200 हैक्टेयर क्षेत्र को सिंचाई सुविधा मिलेगी। इसके अलावा पंचमढ़ी नगर की साडा नियंत्रण वाली भूमि को अभयारण्य क्षेत्र से बाहर कर राजस्व नजूल घोषित करने का भी निर्णय लिया गया है।

इन सभी फैसलों से साफ है कि राज्य सरकार रोजगार, पर्यावरण संरक्षण और कृषि विकास को समान रूप से प्राथमिकता दे रही है। ये योजनाएं आने वाले वर्षों में प्रदेश के समग्र विकास की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगी।

Also Read This: Ajit Pawar Legacy: बारामती की राजनीति का बेताज बादशाह