Jamshedpur: कैरव की सुरक्षित वापसी, परिवार में खुशी का माहौल
जमशेदपुर के युवा उद्योगपति कैरव गांधी 14 दिन के अपहरण के बाद मंगलवार तड़के लगभग 4:30 बजे सुरक्षित अपने घर लौट आए। पुलिस की विशेष टीम उन्हें सर्किट हाउस एरिया स्थित उनके आवास तक लेकर पहुंची। कैरव की सुरक्षित वापसी के साथ ही गांधी परिवार के घर में बीते दो सप्ताह का तनाव और डर राहत और खुशी में बदल गया।
अपने बेटे को देखते ही पिता देवांग गांधी भावुक हो गए और उन्हें गले लगाकर आंसू बहाए। वहीं, मां ने 13 जनवरी से रखे उपवास को तोड़ते हुए कहा, “आज हमारे घर में असली दिवाली है।”
Jamshedpur: पुलिस की रणनीति बनी सफलता की कुंजी
इस हाई-प्रोफाइल अपहरण मामले को सुलझाने के लिए एसएसपी के नेतृत्व में सात विशेष जांच दल (SIT) गठित किए गए थे। ‘ऑपरेशन बरही’ के तहत झारखंड, बिहार, पश्चिम बंगाल और ओडिशा में लगातार छापेमारी और तकनीकी निगरानी की गई। अपहरणकर्ताओं ने इंडोनेशियाई नंबर (+62) से 5 करोड़ रुपये की फिरौती की मांग की थी। लेकिन पुलिस की लगातार कार्रवाई और तकनीकी सर्विलांस से दबाव में आए अपराधियों ने कैरव को छोड़कर फरार होने का फैसला किया।
परिवार और चैंबर ने पुलिस की सराहना की
कैरव की सुरक्षित वापसी पर देवांग गांधी ने ईश्वर, शहरवासियों और पुलिस प्रशासन का आभार व्यक्त किया। सिंहभूम चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के अध्यक्ष मानव केडिया ने इसे पुलिस प्रशासन की बड़ी उपलब्धि बताया और एसएसपी, सिटी एसपी व ग्रामीण एसपी की तेज और समन्वित कार्रवाई की सराहना की।
निजता की अपील
हालांकि कैरव शारीरिक रूप से सुरक्षित हैं, लेकिन 14 दिनों तक बंद कमरे में रहने के कारण मानसिक आघात का सामना कर रहे हैं। परिवार और चैंबर ने नागरिकों से अपील की है कि वे फिलहाल गांधी निवास पर भीड़ न लगाएं और परिवार की निजता का सम्मान करें। पुलिस ने संकेत दिए हैं कि जल्द ही प्रेस कॉन्फ्रेंस में सभी पहलुओं पर आधिकारिक जानकारी साझा की जाएगी।
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