77th Republic Day: राष्ट्रीय गौरव और एकता का प्रतीक बना गणतंत्र दिवस
भारत ने आज पूरे उत्साह और गर्व के साथ अपना 77वां गणतंत्र दिवस मनाया। राजधानी दिल्ली के ऐतिहासिक कर्तव्य पथ पर आयोजित मुख्य समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा फहराया। जैसे ही तिरंगा शान से लहराया, पूरा वातावरण देशभक्ति के रंग में रंग गया। इस अवसर पर 21 तोपों की सलामी दी गई और राष्ट्रगान गूंज उठा।
77th Republic Day: प्रधानमंत्री और गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति

इस भव्य समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, उपराष्ट्रपति, केंद्रीय मंत्री, विदेशी अतिथि, तीनों सेनाओं के प्रमुख और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। प्रधानमंत्री ने परंपरा के अनुसार युद्ध स्मारक पर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद वे गणतंत्र दिवस परेड देखने कर्तव्य पथ पहुंचे।
77th Republic Day: सैन्य परेड में दिखी भारत की शक्ति

गणतंत्र दिवस परेड में थल सेना, नौसेना और वायुसेना की टुकड़ियों ने अनुशासन और शौर्य का शानदार प्रदर्शन किया। आधुनिक हथियारों, स्वदेशी रक्षा तकनीक और सैन्य वाहनों ने भारत की बढ़ती रक्षा क्षमता को दर्शाया। वायुसेना के लड़ाकू विमानों ने आसमान में रोमांचक फ्लाई-पास्ट किया, जिसने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
राज्यों की झांकियों ने दिखाई सांस्कृतिक विविधता

विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की झांकियों ने भारत की सांस्कृतिक विरासत, लोक परंपराओं और विकास यात्रा को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया। “एक भारत, श्रेष्ठ भारत” की भावना इन झांकियों में स्पष्ट दिखाई दी।
युवा शक्ति और नारी सशक्तिकरण का संदेश
इस वर्ष की परेड में युवा शक्ति, नारी सशक्तिकरण और आत्मनिर्भर भारत की झलक खास रही। महिला सैनिकों और एनसीसी कैडेट्स की भागीदारी ने समाज में बदलती भूमिका को रेखांकित किया।
संविधान और लोकतंत्र के प्रति संकल्प
77वां गणतंत्र दिवस भारत के संविधान, लोकतांत्रिक मूल्यों और राष्ट्रीय एकता के प्रति संकल्प को मजबूत करने का अवसर बना। यह दिन हर भारतीय को अपने कर्तव्यों की याद दिलाता है और देश को आगे बढ़ाने की प्रेरणा देता है।
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