Hare Ram Kunwar: शहीद जवान का अंतिम संस्कार, पूरे देश ने किया सम्मान
जम्मू-कश्मीर के डोडा में शहीद हुए जवान हरेराम कुंवर का भोजपुर जिले के महुली घाट पर पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। अंतिम विदाई में सेना और स्थानीय लोगों ने विशेष भागीदारी निभाई। हजारों की संख्या में लोग शहीद को सलामी देने और श्रद्धांजलि अर्पित करने पहुंचे।
Hare Ram Kunwar: बड़े बेटे ने दी मुखाग्नि
हरेराम कुंवर के 11 वर्षीय बड़े बेटे प्रियांशु ने अपने पिता को मुखाग्नि दी। इससे पहले उसने अपने पिता के पार्थिव शरीर पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इस भावपूर्ण क्षण में परिवार और सेना के अधिकारी भी भावुक हो उठे। प्रियांशु ने कहा कि उनके पिता हमेशा उन्हें पढ़ाई करने और बड़े ऑफिसर बनने के लिए प्रेरित करते थे।
छोटे बेटे ने दी अंतिम सलामी
छोटे बेटे आदर्श ने अपने पिता को सलामी दी और अंतिम विदाई के दौरान उन्हें सम्मानित किया। इस दौरान हरेराम के पिता ने भी अपने बेटे को श्रद्धांजलि अर्पित की। यह क्षण परिवार और उपस्थित लोगों के लिए अत्यंत भावपूर्ण रहा।
सेना की ओर से राजकीय सम्मान
अंतिम संस्कार के दौरान सेना ने शहीद जवान को आखिरी सलामी दी। शवयात्रा में राष्ट्रीय ध्वज को सम्मानपूर्वक रखा गया और सेना के सभी अधिकारियों ने शहीद को उचित सम्मान दिया। यह दर्शाता है कि शहीद जवानों का योगदान और बलिदान हमेशा याद किया जाएगा।
राजनीतिक प्रतिनिधियों की अनुपस्थिति
हालांकि हजारों लोग शहीद को अंतिम विदाई देने पहुंचे, जिले के किसी विधायक, मंत्री या अन्य राजनीतिक नेता का आयोजन में उपस्थित होना नहीं देखा गया। इसके बावजूद लोगों और सेना ने शहीद को भावपूर्ण और गरिमामय विदाई दी।
डोडा में हुआ हादसा
हरेराम कुंवर और अन्य 9 जवान गुरुवार को डोडा में ऑपरेशन के दौरान शहीद हुए थे। उनकी बुलेटप्रूफ गाड़ी लगभग 200 फीट गहरी खाई में गिर गई थी। इस हादसे में जवानों ने देश के लिए अपने प्राणों की आहुति दी। उनके बलिदान को हमेशा याद रखा जाएगा और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनेगा।
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