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NDPS Forfeiture: नशा तस्करी के सरगना के परिवार पर सबसे बड़ी कार्रवाई

उत्तर प्रदेश में नशा तस्करी के खिलाफ चल रही सख्त मुहिम के तहत एक बड़ी और मिसाल कायम करने वाली कार्रवाई सामने आई है। वाराणसी जनपद में सोनभद्र पुलिस ने कोडीन युक्त कफ सिरप तस्करी मामले के मुख्य सरगना शुभम जायसवाल के पिता भोला जायसवाल की करीब 28.50 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्तियों को कुर्क किया है। एनडीपीएस एक्ट के अंतर्गत यह कार्रवाई अब तक की सबसे बड़ी कुर्की मानी जा रही है, जिसने तस्करी नेटवर्क से जुड़े लोगों में खलबली मचा दी है।

NDPS Forfeiture: कोर्ट के आदेश पर हुई कुर्की की कार्रवाई

यह कार्रवाई न्यायालय के स्पष्ट निर्देश पर शुक्रवार को अंजाम दी गई। सोनभद्र पुलिस की टीम वाराणसी जिलाधिकारी के आदेश पर उपजिलाधिकारी पिंडरा के साथ सिगरा थाना क्षेत्र की बादशाहबाग कॉलोनी स्थित भोला जायसवाल के आलीशान आवास पर पहुंची। मौके पर मुनादी कराए जाने के बाद कुर्की की विधिवत प्रक्रिया शुरू की गई। पूरी कार्रवाई सीओ सिटी सोनभद्र रणधीर कुमार मिश्र के नेतृत्व में भारी पुलिस बल की मौजूदगी में संपन्न हुई।

NDPS Forfeiture: कोडीन युक्त कफ सिरप तस्करी से जुड़ा मामला

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, कोडीन युक्त कफ सिरप की अवैध तस्करी से जुड़ा यह मामला सोनभद्र जनपद के रॉबर्ट्सगंज थाने में दर्ज है। विवेचना के दौरान यह सामने आया कि भोला जायसवाल ने तस्करी से अर्जित अवैध धन के जरिए बड़े पैमाने पर संपत्तियां बनाई हैं। जांच पूरी होने के बाद न्यायालय ने 22 जनवरी को इन संपत्तियों को कुर्क करने का आदेश जारी किया था।

बैंक खातों और अचल संपत्तियों का खुलासा

जांच में यह भी सामने आया कि भोला जायसवाल के वाराणसी स्थित चार अलग-अलग बैंक खातों में करीब 1 करोड़ 20 लाख 82 हजार रुपये जमा थे। इसके अलावा उसने शहर में कई बहुमूल्य मकान और अन्य अचल संपत्तियां खड़ी की थीं, जिन्हें अवैध कमाई से जोड़ा गया। पुलिस ने इन सभी संपत्तियों को चिन्हित कर कानूनी प्रक्रिया के तहत कुर्क किया।

आगे भी जारी रहेगी सख्त कार्रवाई

पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई केवल एक शुरुआत है। भविष्य में भी संगठित अपराध, नशा तस्करी और अवैध आर्थिक गतिविधियों में लिप्त लोगों के खिलाफ इसी तरह कठोर और निरंतर कदम उठाए जाएंगे। प्रशासन का संदेश साफ है कि नशे के कारोबार से कमाई गई संपत्ति को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।

निष्कर्ष
यह कुर्की न सिर्फ कानून का सख्त संदेश है, बल्कि नशा तस्करी के पूरे नेटवर्क को तोड़ने की दिशा में एक बड़ा कदम भी माना जा रहा है।

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