Uttranchal: प्रशासन ने जारी किए नए निर्देश, मोबाइल फोन ले जाने पर लगी रोक
बदरीनाथ धाम में अब सिंहद्वार से आगे मोबाइल फोन ले जाने की अनुमति नहीं होगी।
गढ़वाल आयुक्त ने इस संबंध में स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं। य
ह निर्णय चारधाम यात्रा की तैयारियों के लिए ऋषिकेश स्थित ट्रांजिट कैंप में आयोजित बैठक में लिया गया।
Uttranchal: विवाद और सुरक्षा कारण
हाल के दिनों में धार्मिक स्थलों पर रील और ब्लॉग बनाने के दौरान विवाद की घटनाएं सामने आई हैं।
इन घटनाओं को देखते हुए प्रशासन ने श्रद्धालुओं के मोबाइल जमा कराने की उचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं, ताकि यात्रा और पूजा-अर्चना शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो सके।
Uttranchal: शीतकालीन प्रवास स्थलों पर श्रद्धालुओं की संख्या
चारधामों के शीतकालीन प्रवास स्थलों पर अब तक हजारों श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। बाबा केदार का ऊखीमठ स्थित ओंकारेश्वर मंदिर सबसे अधिक 17,000 श्रद्धालुओं को आकर्षित कर चुका है। बदरीनाथ और केदारनाथ के शीतकालीन स्थल लगभग 6,400 श्रद्धालुओं को आंतरिक दर्शन दे चुके हैं। यमुनोत्री धाम की शीतकालीन पूजा खरसाली में 1,017 श्रद्धालुओं ने भाग लिया है, जबकि गंगोत्री धाम के मुखवा स्थल पर 3,300 श्रद्धालुओं ने दर्शन किए हैं।
पर्यटन और बारहमासी यात्रा को बढ़ावा
उत्तराखंड सरकार शीतकालीन यात्रा को बढ़ावा दे रही है ताकि प्रदेश में बारहमासी पर्यटन को प्रोत्साहित किया जा सके।
पर्यटन विभाग के आंकड़ों के अनुसार, चारधामों के शीतकालीन प्रवास स्थलों पर प्रतिदिन औसतन 500 से अधिक श्रद्धालु दर्शन कर रहे हैं।
सरकार द्वारा इस यात्रा का व्यापक प्रचार भी किया जा रहा है।
श्रद्धालुओं के लिए सुविधाएं
जो तीर्थयात्री चारधाम यात्रा के मुख्य धामों तक नहीं पहुंच पाते, वे शीतकालीन प्रवास स्थलों पर पूजा-अर्चना और दर्शन कर सकते हैं।
मोबाइल प्रतिबंध और सुरक्षा के प्रबंध के चलते यात्रा का अनुभव श्रद्धालुओं के लिए और सुरक्षित तथा व्यवस्थित होगा।
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