Omkareshwar: ज्योतिर्लिंग ओंकारेश्वर में श्रद्धालुओं का सैलाब, व्यवस्थाएं बनीं चुनौती
मौनी अमावस्या पर्व के अवसर पर ज्योतिर्लिंग ओंकारेश्वर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी।
उज्जैन महाकाल लोक सहित आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में भक्त नर्मदा स्नान और भगवान ओंकारेश्वर के दर्शन के लिए पहुंचे।
बढ़ती भीड़ के कारण प्रशासन के सामने व्यवस्थाओं को सुचारु बनाए रखना एक बड़ी चुनौती बन गया है।
Omkareshwar: नर्मदा घाटों पर पुख्ता इंतजाम की जरूरत
निरीक्षण के दौरान सामने आया कि नर्मदा नदी के घाटों पर नावों के लिए अलग से सुरक्षित घाटों की व्यवस्था नहीं है।
कई स्थानों पर पक्के घाट न होने के कारण श्रद्धालु चट्टानों पर खड़े होकर स्नान कर रहे हैं।
इसमें हादसों की आशंका बनी रहती है।
सुरक्षा के दृष्टिकोण से स्थायी घाटों का निर्माण बेहद जरूरी माना जा रहा है।
Omkareshwar: चेतावनी के बावजूद नहीं रुक रहे श्रद्धालु
प्रशासन की ओर से लगातार उदघोषणा किए जाने के बावजूद कई श्रद्धालु सुरक्षा निर्देशों का पालन नहीं कर रहे हैं।
प्रमुख स्थलों पर पर्याप्त साइन बोर्ड नहीं होने से भी भ्रम की स्थिति बनी हुई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि स्पष्ट संकेतक और बैरिकेडिंग से दुर्घटनाओं को रोका जा सकता है।
दर्शन और सुविधाओं को लेकर परेशानी
मंदिर दर्शन के दौरान सुलभ शौचालयों और अन्य मूलभूत सुविधाओं की कमी के चलते श्रद्धालुओं को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
भीड़ के बीच बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों के लिए व्यवस्था और अधिक चुनौतीपूर्ण हो जाती है।
सिंहस्थ 2028 की योजना में शामिल हैं प्रस्ताव
कलेक्टर ऋषव गुप्ता और पुलिस अधीक्षक मनोज राय के निर्देश पर सुरक्षा और व्यवस्थाओं के प्रयास किए जा रहे हैं, फिर भी छोटी-मोटी घटनाएं सामने आ रही हैं।
प्रशासन के अनुसार सिंहस्थ 2028 की कार्य योजना में घाटों के निर्माण, मल्टी लेवल पार्किंग और अन्य सुविधाओं के प्रस्ताव शामिल हैं।
लेकिन वर्तमान में ओंकारेश्वर में मूलभूत सुविधाओं की भारी कमी स्पष्ट रूप से महसूस की जा रही है।
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