Delhi: दो हफ्तों में चार करोड़ की बड़ी धोखाधड़ी, 8 आरोपी गिरफ्त में
दक्षिण-पश्चिम जिला साइबर थाना पुलिस ने एक संगठित अंतरराज्यीय साइबर ठग गिरोह का खुलासा किया है। जांच में सामने आया कि इस गिरोह ने मात्र 14 दिनों के भीतर निवेश का झांसा देकर करीब 4 करोड़ रुपये की ठगी को अंजाम दिया। मामले में अब तक 63 से अधिक पीड़ितों की शिकायतें दर्ज की जा चुकी हैं।
Delhi: हाई-टेक साधनों से रची गई ठगी की साजिश
पुलिस कार्रवाई के दौरान आरोपियों के पास से 10 अत्याधुनिक मोबाइल फोन और 13 सिम कार्ड बरामद किए गए हैं।
इन उपकरणों में म्यूल बैंक खातों, लेन-देन के रिकॉर्ड और डिजिटल सबूत मौजूद थे, जो ठगी के पूरे नेटवर्क की पुष्टि करते हैं।
Delhi: व्हाट्सएप, फर्जी ऐप और ‘गारंटीड रिटर्न’ का जाल
जांच में पता चला कि गिरोह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, खासकर व्हाट्सएप, के जरिए लोगों से संपर्क करता था।
नकली निवेश ऐप्स और वेबसाइट्स के माध्यम से “पक्का मुनाफा” दिखाकर पीड़ितों को पैसे लगाने के लिए उकसाया जाता था।
भारत से विदेश तक फैला मनी ट्रेल
ठगी की रकम पहले देश के भीतर म्यूल बैंक खातों में जमा कराई जाती थी, फिर उसे कई खातों में घुमाकर विदेश भेज दिया जाता था। खास तौर पर कंबोडिया में बैठे गिरोह के सरगनाओं तक पैसा पहुंचाया जाता था, जिससे जांच एजेंसियों को गुमराह किया जा सके।
शिक्षित आरोपी भी शामिल, जांच जारी
गिरफ्तार किए गए आरोपियों में सोमपाल (बरेली निवासी) प्रमुख है, जो MBA ग्रेजुएट और पहले सॉफ्टवेयर कंपनी से जुड़ा रहा है।
उसके खाते से ही 51 शिकायतें जुड़ी पाई गईं।
अन्य आरोपियों में तेलंगाना, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और दिल्ली के निवासी शामिल हैं।
सभी आरोपियों को तकनीकी निगरानी, मनी ट्रेल विश्लेषण और डिजिटल फॉरेंसिक जांच के आधार पर गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस का कहना है कि गिरोह के अन्य सदस्यों और विदेशी कनेक्शन को लेकर जांच अभी जारी है।
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