India: भारत ने इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। वर्ष 2025 में देश का इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात चार लाख करोड़ रुपये के आंकड़े को पार कर गया, जिससे भारत वैश्विक इलेक्ट्रॉनिक्स सप्लाई चेन में तेजी से मजबूत हुआ है।
India: सेमीकंडक्टर प्लांट देंगे नई रफ्तार
केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव के अनुसार, वर्ष 2026 में निर्यात की गति और तेज होने की उम्मीद है। इसकी प्रमुख वजह यह है कि देश में चार सेमीकंडक्टर संयंत्र इस वर्ष से व्यावसायिक उत्पादन शुरू करने जा रहे हैं, जिससे घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को बड़ा सहारा मिलेगा।
India: उत्पादन और निर्यात दोनों में मजबूत वृद्धि
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, वित्त वर्ष 2024-25 में भारत का कुल इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन करीब 11.3 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया, जबकि इसी अवधि में निर्यात 3.3 लाख करोड़ रुपये रहा। मंत्री ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात से न केवल बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा हुए हैं और बल्कि विदेशी मुद्रा भंडार को भी मजबूती मिली है।
मोबाइल फोन बने सेक्टर की रीढ़
इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग में मोबाइल फोन उद्योग की भूमिका सबसे अहम बनकर उभरी है। उद्योग निकाय इंडिया सेल्युलर एंड इलेक्ट्रॉनिक्स एसोसिएशन के अनुसार, चालू वित्त वर्ष के अंत तक मोबाइल फोन उत्पादन लगभग 75 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है, जिसमें से 30 अरब डॉलर से अधिक का हिस्सा निर्यात का होगा। वर्ष 2024-25 में देश में 5.5 लाख करोड़ रुपये के मोबाइल फोन बनाए गए थे, जिनमें से करीब दो लाख करोड़ रुपये का निर्यात हुआ।
एपल और निर्यात आधारित रणनीति का असर
वैश्विक परिस्थितियों के चलते भारत मैन्युफैक्चरिंग का प्रमुख केंद्र बनता जा रहा है। एपल जैसी कंपनियों ने भारत में उत्पादन बढ़ाया है, जिससे देश को ‘मैन्युफैक्चरिंग हब’ के रूप में नई पहचान मिली है। अनुमान है कि इस सेक्टर से 25 लाख से अधिक लोगों को रोजगार मिल रहा है और आने वाले वर्षों में यह संख्या और बढ़ेगी।

