Bhopal: राजधानी भोपाल में सियासी घमासान, विपक्ष ने मांगा महापौर और एमआईसी का इस्तीफा
भोपाल के आधुनिक स्लॉटर हाउस में मांस की जांच के दौरान गौमांस की पुष्टि होने के बाद नगर निगम प्रशासन पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। इस मुद्दे को लेकर विपक्ष ने नगर सरकार को घेरते हुए महापौर और मेयर इन काउंसिल (एमआईसी) से इस्तीफे की मांग तेज कर दी है।
Bhopal: मंत्री विश्वास सारंग का सख्त रुख
मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि गौमांस या गोकशी से जुड़े किसी भी अपराध में कोई रियायत नहीं दी जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि चाहे व्यापारी हों या अधिकारी, सभी दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। मंत्री के अनुसार मुख्यमंत्री ने भी इस विषय में सख्त निर्देश दिए हैं और दोषियों को ऐसी सजा दी जाएगी जो मिसाल बने। उन्होंने यहां तक कहा कि यदि गोवंश की हत्या हुई है तो इसे हत्या की श्रेणी में लेकर कठोरतम दंड दिया जाना चाहिए।
Bhopal: निगम अध्यक्ष बोले—रिपोर्ट के बाद होगी कार्रवाई
नगर निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी ने कहा कि फिलहाल आधिकारिक जांच रिपोर्ट का इंतजार है। रिपोर्ट सामने आने के बाद दोषी चाहे किसी भी पद पर क्यों न हो, उसे बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि स्लॉटर हाउस से जुड़े किसी भी चमड़े या मांस की गहन जांच कराई जाएगी।
नगर निगम प्रशासन की भूमिका पर सवाल
इस पूरे प्रकरण में नगर निगम प्रशासन की भूमिका पर भी गंभीर आरोप लगे हैं। जानकारी के अनुसार, निगम के स्लॉटर हाउस से मांस बाहर ले जाने की अनुमति पशु चिकित्सा अधिकारी द्वारा दी गई थी। 17 दिसंबर 2025 को जारी एक पत्र में नगर निगम के पशु चिकित्सक ने दो सप्ताह में 85 भैंसों के वध की पुष्टि की थी, जिसके बाद यह मामला और संदिग्ध हो गया।
विपक्ष का आरोप—लोकतांत्रिक प्रक्रिया की अनदेखी
नेता प्रतिपक्ष शब्सिता जकी ने आरोप लगाया कि स्लॉटर हाउस से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णय मेयर इन काउंसिल की जानकारी और चर्चा के बिना गुपचुप तरीके से लिए गए। उन्होंने कहा कि इस विषय को न तो नगर निगम परिषद की बैठक में रखा गया और न ही पार्षदों को पूर्व सूचना दी गई, जो नगर निगम अधिनियम और लोकतांत्रिक परंपराओं का उल्लंघन है।
आज होगी नगर निगम परिषद की अहम बैठक
भोपाल नगर निगम परिषद की बैठक मंगलवार, 13 जनवरी को सुबह 11:30 बजे आईएसबीटी स्थित सभागार में आयोजित होगी। बैठक में विपक्ष स्लॉटर हाउस में गौवध और शहर में दूषित पानी की आपूर्ति जैसे मुद्दों पर सत्तापक्ष को घेरने की तैयारी में है। वहीं, सत्तापक्ष का ध्यान एजेंडे में शामिल तीन प्रमुख प्रस्तावों को पारित कराने पर रहेगा।
आईएसबीटी परिसर में अंतिम बैठक
यह बैठक आईएसबीटी परिसर में आयोजित होने वाली नगर निगम परिषद की अंतिम बैठक होगी। तुलसीनगर क्षेत्र में नगर निगम का नया बहुमंजिला भवन तैयार हो चुका है, जहां जल्द ही महापौर, आयुक्त और निगम परिषद के कार्यालय स्थानांतरित किए जाएंगे। ऐसे में कार्यालयों के स्थानांतरण से पहले होने वाली यह बैठक काफी हंगामेदार रहने की संभावना जताई जा रही है।
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