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Terrorism news: पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद को लेकर एक बार फिर सनसनीखेज दावा सामने आया है। संगठन के सरगना मौलाना मसूद अजहर के नाम से जुड़ा एक ऑडियो क्लिप सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहा है, जिसमें वह कथित तौर पर अपने संगठन की ताकत और आत्मघाती हमलावरों की संख्या को लेकर बड़ी बातें करता सुनाई देता है।

Terrorism news: वायरल ऑडियो में क्या है दावा?

इस कथित ऑडियो में मसूद अजहर यह कहता हुआ सुना जा सकता है कि जैश-ए-मोहम्मद के पास केवल सीमित संख्या में नहीं, बल्कि बहुत बड़ी तादाद में फिदायीन मौजूद हैं।

उसका दावा है कि ये संख्या न तो दर्जनों में है, न सैकड़ों में और न ही हजार तक सीमित है। ऑडियो में यह भी कहा गया है कि अगर इनकी वास्तविक संख्या सार्वजनिक हो जाए, तो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारी हलचल मच सकती है।

Terrorism news: ‘हमें जल्दी आगे भेजो’ – ऑडियो का विवादित हिस्सा

ऑडियो क्लिप में मसूद अजहर यह भी दावा करता है कि संगठन से जुड़े लोग उसे लगातार संदेश भेजते हैं और तथाकथित तौर पर ‘आगे भेजने’ की मांग करते हैं।

कथित बयान में वह कहता है कि ये लोग अलग-अलग तरीकों से दबाव बनाते हैं और अपने मकसद को लेकर बेहद कट्टर हैं। हालांकि, इस तरह के दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।

‘शहादत’ की बात, किसी लालच से इनकार

ऑडियो में यह भी कहा गया है कि जैश से जुड़े लड़ाके किसी तरह के आर्थिक लाभ, वीजा या सांसारिक सुविधाओं के लिए नहीं लड़ते।

मसूद अजहर के नाम से जुड़े इस बयान में दावा किया गया है कि ये लोग केवल ‘शहादत’ की सोच के साथ संगठन से जुड़े हुए हैं। सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसे बयान कट्टरपंथी प्रचार का हिस्सा हो सकते हैं।

भारत में बड़े आतंकी हमलों से जुड़ा नाम

मसूद अजहर का नाम भारत में हुए कई बड़े आतंकी हमलों से जुड़ चुका है।

2001 में संसद पर हमला, 2016 में पठानकोट एयरबेस पर आतंकी हमला, उरी हमला, 2019 का पुलवामा हमला और अफगानिस्तान के मजार-ए-शरीफ स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास पर हमला—इन सभी मामलों में उसका नाम मास्टरमाइंड के तौर पर सामने आया है।

दिल्ली पुलिस की चार्जशीट में भी उस पर भारत में आतंकी नेटवर्क चलाने के गंभीर आरोप दर्ज हैं।

गिरफ्तारी से लेकर रिहाई तक का सफर

मसूद अजहर को पहली बार 29 जनवरी 1994 को भारत में गिरफ्तार किया गया था। वह फर्जी पहचान के जरिए जम्मू-कश्मीर पहुंचा था, जहां अनंतनाग से उसकी गिरफ्तारी हुई।

इसके बाद 24 दिसंबर 1999 को काठमांडू से दिल्ली जा रहे भारतीय विमान के अपहरण के दौरान यात्रियों की जान बचाने के बदले भारत सरकार को उसे रिहा करना पड़ा। रिहाई के बाद वह पाकिस्तान चला गया।

ऑपरेशन सिंदूर के बाद सामने आया ऑडियो

सूत्रों के मुताबिक, यह ऑडियो भारत द्वारा आतंकवाद के खिलाफ हालिया सख्त कार्रवाई के बाद सामने आया है।

पहलगाम हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों को निशाना बनाते हुए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ चलाया था। इस कार्रवाई में बहावलपुर में मसूद अजहर के परिवार के कई सदस्यों और करीबी सहयोगियों के मारे जाने की खबरें आई थीं।

पुष्टि अब तक नहीं

फिलहाल इस वायरल ऑडियो की न तो आधिकारिक पुष्टि हुई है और न ही इसकी रिकॉर्डिंग की तारीख स्पष्ट हो पाई है।

सुरक्षा एजेंसियां ऐसे ऑडियो और बयानों को आतंकी संगठनों के मनोवैज्ञानिक प्रचार का हिस्सा मानती हैं और जनता से सतर्क रहने की अपील करती हैं।

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