Operation Hawkeye Strike: 11 जनवरी 2026 को अमेरिकी सेना ने सीरिया में इस्लामिक स्टेट (ISIS) के कई ठिकानों पर बड़े पैमाने पर हवाई हमले किए। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने इसकी पुष्टि की है। ये हमले ऑपरेशन हॉकआई स्ट्राइक का हिस्सा हैं, जो दिसंबर 2025 में पल्मायरा में ISIS के घातक हमले का जवाब है। उस हमले में दो अमेरिकी सैनिक और एक नागरिक दुभाषिया मारे गए थे। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निर्देश पर चल रहे इस अभियान से ISIS की बची-खुची ताकत को कमजोर करने का प्रयास किया जा रहा है।
हमलों का विवरण और पैमाना
शनिवार को अमेरिकी समयानुसार दोपहर करीब 12:30 बजे CENTCOM और सहयोगी बलों ने सीरिया भर में ISIS के 35 से अधिक ठिकानों पर हमले किए। इसमें 20 से ज्यादा विमान जैसे F-15E, A-10, AC-130J गनशिप, MQ-9 ड्रोन और जॉर्डन के F-16 शामिल थे।
इन हमलों में 90 से अधिक सटीक हथियारों का इस्तेमाल किया गया, जिसमें हथियारों के भंडार, सप्लाई रूट और अन्य ISIS इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाया गया। CENTCOM ने हमलों का एक छोटा वीडियो भी जारी किया, जिसमें तबाही के दृश्य दिखाए गए हैं।
पृष्ठभूमि और कारण
ये हमले 13 दिसंबर 2025 को पल्मायरा (मध्य सीरिया) में हुए ISIS हमले का बदला हैं। उस घटना में आयोवा नेशनल गार्ड के दो सैनिक – सार्जेंट एडगर ब्रायन टोरेस-टोवर और सार्जेंट विलियम नथानिएल हॉवर्ड – तथा नागरिक दुभाषिया अयाद मंसूर सकात की मौत हो गई थी। तीन अन्य अमेरिकी सैनिक घायल हुए थे।
राष्ट्रपति ट्रंप ने तुरंत जवाबी कार्रवाई का वादा किया था। ऑपरेशन हॉकआई स्ट्राइक (आयोवा राज्य के ‘हॉकआई स्टेट’ के नाम पर) 19 दिसंबर 2025 को शुरू हुआ, जिसमें पहले चरण में 70 से ज्यादा ठिकानों पर हमला किया गया था।
अमेरिका का संदेश और प्रभाव
CENTCOM ने कहा, “हमारा संदेश स्पष्ट है: अगर आप हमारे सैनिकों को नुकसान पहुंचाते हैं, तो हम आपको दुनिया में कहीं भी ढूंढकर मार डालेंगे।” ये हमले ISIS के खिलाफ अमेरिका की निरंतर प्रतिबद्धता दिखाते हैं, ताकि भविष्य में अमेरिकी और सहयोगी बलों पर कोई खतरा न रहे।
सीरिया में अभी भी करीब 1,000 अमेरिकी सैनिक मौजूद हैं, जो ISIS के पुनरुत्थान को रोकने के लिए काम कर रहे हैं। इस ऑपरेशन से क्षेत्र में आतंकवाद विरोधी प्रयासों को मजबूती मिली है।
ये कार्रवाई अमेरिका की मजबूत नीति का हिस्सा है, जो अपने सैनिकों की सुरक्षा के लिए कड़े कदम उठाने से नहीं चूकती। स्थिति पर नजर रखी जा रही है और आगे के अभियान की संभावना बनी हुई है।

