By: Ravindra Sikarwar
Chhattisgarh news: बालोद जिले में पहली बार आयोजित होने वाली राष्ट्रीय रोवर-रेंजर जंबूरी आज से शुरू हो गई है। भारत स्काउट्स एंड गाइड्स के तहत यह भव्य आयोजन 9 से 13 जनवरी 2026 तक दुधली में चल रहा है, जिसमें देशभर और विदेश से लगभग 15 हजार रोवर, रेंजर और सीनियर स्काउट्स-गाइड्स हिस्सा ले रहे हैं। यह कार्यक्रम भारत स्काउट्स एंड गाइड्स के डायमंड जुबली वर्ष का हिस्सा है और इसका थीम ‘सशक्त युवा विकसित भारत’ रखा गया है।
आयोजन की खासियतें
यह जंबूरी देश में अपनी तरह का पहला राष्ट्रीय स्तर का रोवर-रेंजर कार्यक्रम है। इसमें विभिन्न गतिविधियां जैसे कैंप क्राफ्ट, रंगोली, मार्च पास्ट, कैंपफायर, स्किलोरामा, प्रदर्शनियां, जंगल में खाना बनाना, लोक नृत्य-संगीत और विज्ञान परियोजनाएं शामिल हैं। छत्तीसगढ़ से करीब 4,250 प्रतिभागी शामिल हैं, जबकि अन्य राज्यों से भी बड़ी संख्या में युवा पहुंचे हैं। आयोजन स्थल पर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सहित कई गणमान्य व्यक्ति उद्घाटन में मौजूद रहेंगे।
आंतरिक विवाद और कानूनी चुनौती
हालांकि यह आयोजन उत्साह के साथ शुरू हुआ, लेकिन भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के आंतरिक कलह ने इसे विवादों में घेर लिया है। रायपुर के सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने भारत स्काउट्स एंड गाइड्स छत्तीसगढ़ राज्य परिषद के अध्यक्ष पद को लेकर स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव से मतभेद जताया है। अग्रवाल का दावा है कि वे अभी भी वैधानिक अध्यक्ष हैं और उनकी बिना सहमति के मंत्री को पदेन अध्यक्ष नियुक्त करना नियमों के खिलाफ है।
इसके अलावा, आयोजन स्थल को नवा रायपुर से बालोद बदलने, 10 करोड़ रुपये के बजट को जिला शिक्षा अधिकारी के खाते में ट्रांसफर करने और टेंडर प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं पर अग्रवाल ने गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर अपनी स्थिति को चुनौती दी है। पहले उन्होंने आयोजन स्थगित करने की घोषणा भी की थी, लेकिन राज्य सरकार ने इसे खारिज कर दिया और स्पष्ट किया कि कार्यक्रम निर्धारित समय पर ही होगा।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं
विपक्षी कांग्रेस ने इस मुद्दे को हाथों-हाथ लिया और बीजेपी पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि सत्तारूढ़ दल में गुटबाजी चरम पर है और आयोजन में बड़े पैमाने पर अनियमितता हुई है। उन्होंने जांच की मांग की है। वहीं, शिक्षा मंत्री ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि सब कुछ पारदर्शी तरीके से जेम पोर्टल के माध्यम से किया गया है।
यह आयोजन युवाओं में नेतृत्व और सेवा की भावना जगाने का माध्यम है, लेकिन राजनीतिक विवादों ने इसे सुर्खियों में ला दिया है। उम्मीद है कि कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न होगा और प्रतिभागी नई ऊर्जा के साथ लौटेंगे।
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