By: Ravindra Sikarwar
नई दिल्ली में अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों के खिलाफ दिल्ली पुलिस ने सख्त कदम उठाया है। साउथ ईस्ट जिला पुलिस ने एक विशेष अभियान के तहत 20 अवैध बांग्लादेशी नागरिकों को पकड़ा है। इनमें पुरुष, महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। इस कार्रवाई के बाद इलाके में हलचल देखी गई।
SIR प्रक्रिया से पहले चला विशेष ऑपरेशन
पुलिस के मुताबिक, यह कार्रवाई SIR (Special Identification Review) प्रक्रिया से पहले की गई है। लंबे समय से इन लोगों के दिल्ली में अवैध रूप से रहने की गुप्त सूचनाएं मिल रही थीं। सूचना की पुष्टि होने के बाद साउथ ईस्ट जिला पुलिस ने एक गुप्त ऑपरेशन को अंजाम दिया और एक साथ सभी संदिग्धों को हिरासत में ले लिया।
20 लोगों में महिलाएं और बच्चे भी शामिल
पकड़े गए कुल 20 लोगों में 12 पुरुष, 8 महिलाएं और 4 बच्चे शामिल हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि ये सभी बिना किसी वैध दस्तावेज के दिल्ली में रह रहे थे और लंबे समय से अपनी पहचान छिपाकर जीवनयापन कर रहे थे।
फर्जी आधार और वोटर आईडी बरामद
जांच के दौरान पुलिस को इनके पास से आधार कार्ड, वोटर आईडी समेत अन्य पहचान पत्र मिले हैं। पुलिस का कहना है कि ये दस्तावेज प्रथम दृष्टया फर्जी प्रतीत हो रहे हैं। इनका इस्तेमाल खुद को भारतीय नागरिक बताने के लिए किया जा रहा था।
दस्तावेज बनाने वाले गिरोह की तलाश
अब पुलिस की जांच उन लोगों और नेटवर्क की ओर केंद्रित है, जिन्होंने इन अवैध नागरिकों के लिए फर्जी पहचान पत्र तैयार किए। पुलिस को आशंका है कि इसके पीछे एक संगठित गिरोह सक्रिय है, जो अवैध प्रवासियों को नकली दस्तावेज उपलब्ध कराता है।
डिटेंशन सेंटर भेजे गए, डिपोर्टेशन की तैयारी
सभी 20 अवैध बांग्लादेशी नागरिकों को कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद डिटेंशन सेंटर भेज दिया गया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, इन्हें बांग्लादेश वापस भेजने (डिपोर्ट) की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
दिल्ली पुलिस का कहना है कि राजधानी में अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों के खिलाफ इस तरह की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

