By: Ravindra Sikarwar
वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की अमेरिकी सेना द्वारा गिरफ्तारी के बाद लैटिन अमेरिका में राजनीतिक तनाव बढ़ गया है। कोलंबिया के राष्ट्रपति गुस्तावो पेट्रो ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को सीधी चुनौती देते हुए कहा, “आओ मुझे पकड़ो, मैं यहीं तुम्हारा इंतजार कर रहा हूं।”
वेनेजुएला पर अमेरिकी सैन्य कार्रवाई
अमेरिकी विशेष बलों ने हाल ही में वेनेजुएला की राजधानी कराकास पर छापा मारकर राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को गिरफ्तार कर लिया। उन्हें न्यूयॉर्क ले जाया गया, जहां ड्रग तस्करी और नार्को-टेररिज्म के आरोपों में मुकदमा चलेगा। यह ऑपरेशन महीनों की योजना का नतीजा था, जिसमें डेल्टा फोर्स जैसी एलीट यूनिट्स शामिल थीं।
ट्रंप की कोलंबिया को धमकी
ट्रंप ने कोलंबिया को “बीमार देश” बताया और पेट्रो पर कोकेन उत्पादन व अमेरिका में तस्करी के आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि कोलंबिया एक “बीमार व्यक्ति” द्वारा चलाया जा रहा है जो कोकेन बनाता और बेचता है, और यह ज्यादा दिनों तक नहीं चलेगा। जब पूछा गया कि क्या कोलंबिया में भी सैन्य अभियान होगा, तो ट्रंप ने इसे “अच्छा विचार” करार दिया।
पेट्रो का कड़ा जवाब
पेट्रो ने अमेरिकी कार्रवाई की कड़ी आलोचना की और इसे क्षेत्रीय संप्रभुता पर हमला बताया। पूर्व गुरिल्ला लड़ाके पेट्रो ने चेतावनी दी कि अगर अमेरिका कोलंबिया पर हमला करता है या उन्हें गिरफ्तार करने की कोशिश करता है, तो इससे पहाड़ों में हजारों गुरिल्ला फिर सक्रिय हो जाएंगे और जनता का आक्रोश भड़क उठेगा। उन्होंने कहा, “मैंने हथियार छोड़ने की कसम खाई थी, लेकिन देश के लिए फिर उठा लूंगा।”
मादुरो की पुरानी चुनौती से समानता
यह चुनौती ठीक वैसी ही है जैसी मादुरो ने कुछ महीने पहले ट्रंप को दी थी। मादुरो ने कहा था, “आओ मुझे पकड़ो, कायर।” अब अमेरिकी बलों ने उन्हें पकड़ लिया है, जिससे पेट्रो की प्रतिक्रिया और तीखी हो गई।
क्षेत्रीय तनाव और अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया
कोलंबिया ने ट्रंप की धमकियों को खारिज करते हुए संवाद और सम्मान पर आधारित संबंधों की वकालत की। कई देशों ने अमेरिकी हस्तक्षेप की निंदा की है, जबकि ट्रंप प्रशासन इसे ड्रग तस्करी रोकने का जरूरी कदम बता रहा है। यह घटनाक्रम पूरे लैटिन अमेरिका में नए संकट की आशंका बढ़ा रहा है।
