By: Ravindra Sikarwar
नेपाल के धनुषा जिले में एक मस्जिद में कथित तौर पर तोड़फोड़ किए जाने के बाद इलाके में साम्प्रदायिक तनाव की स्थिति बन गई। इस घटना के सामने आते ही स्थानीय समुदाय में नाराजगी फैल गई और कुछ स्थानों पर विरोध प्रदर्शन भी देखने को मिले। हालात को बिगड़ने से रोकने के लिए प्रशासन ने तुरंत सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी और संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया।
प्रशासन और पुलिस अलर्ट मोड पर
घटना के बाद नेपाल पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। प्रशासन की ओर से लोगों से शांति बनाए रखने और किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की गई है। पुलिस ने मस्जिद में तोड़फोड़ करने वालों की पहचान के लिए जांच शुरू कर दी है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया गया है। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है, लेकिन सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हैं।
भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा कड़ी
धनुषा जिले की स्थिति को देखते हुए भारत ने एहतियातन भारत-नेपाल सीमा के कुछ हिस्सों को सील कर दिया है। सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा बलों की संख्या बढ़ा दी गई है और आवाजाही पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। भारतीय अधिकारियों का कहना है कि यह कदम किसी भी अप्रिय स्थिति को रोकने और सीमा क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिए उठाया गया है।
शांति और सौहार्द की अपील
नेपाल और भारत, दोनों देशों के प्रशासन ने नागरिकों से संयम बरतने की अपील की है। सामाजिक और धार्मिक नेताओं ने भी आगे आकर लोगों से आपसी भाईचारे और शांति बनाए रखने का आग्रह किया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि साम्प्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।
स्थिति पर लगातार नजर
हालांकि धनुषा में धीरे-धीरे हालात सामान्य हो रहे हैं, लेकिन प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। सुरक्षा एजेंसियां किसी भी संभावित खतरे को देखते हुए अलर्ट पर हैं। इस घटना ने एक बार फिर दिखाया है कि संवेदनशील मामलों में त्वरित प्रशासनिक कार्रवाई और समाज का सहयोग कितना जरूरी है।
निष्कर्ष
धनुषा में मस्जिद में तोड़फोड़ की घटना के बाद उत्पन्न साम्प्रदायिक तनाव को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन सक्रिय है। भारत-नेपाल सीमा पर सख्ती और जांच के चलते उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही स्थिति पूरी तरह सामान्य हो जाएगी।
