By: Ravindra Sikarwar
MP news: मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले के खिलचीपुर नगर में एक दिल छूने वाली घटना सामने आई है, जिसमें 8 साल की एक बहादुर बहन ने अपनी जान की परवाह किए बिना अपने छोटे भाई की जान बचाई। रविवार की सुबह सेमरिया क्षेत्र में 5 साल का बच्चा क्रिश खेल रहा था, जब अचानक एक आवारा कुत्ता उस पर हमला कर दिया और उसे बुरी तरह नोचने लगा। कुत्ते के हमले में बच्चा गंभीर रूप से घायल हो गया और जोर जोर से चीखने लगा।
बहन लीजा ने दिखाई बहादुरी
अपनी छोटी बहन की चीख सुनकर 8 साल की लीजा मौके पर दौड़ी और बिना डर के कुत्ते से भिड़ गई। इस दौरान लीजा भी घायल हो गई, लेकिन उसने हार नहीं मानी। तीन मिनट तक कुत्ते से संघर्ष करने के बाद जब कुत्ता भाग गया, तो लीजा ने अपनी टी-शर्ट उतारी और छोटे भाई के सिर पर बांध दी, ताकि उसके खून को रोका जा सके।
भाई-बहन दोनों अस्पताल में भर्ती
इस संघर्ष के बाद दोनों बच्चों को गंभीर चोटें आईं। लीजा के हाथ, सिर और चेहरे पर जख्म आए, जबकि क्रिश के सिर पर गंभीर चोटें आईं। बच्चों की हालत को गंभीर देखते हुए उन्हें पहले खिलचीपुर अस्पताल और फिर राजगढ़ जिला अस्पताल भेजा गया। डॉक्टरों ने बताया कि दोनों की हालत अब स्थिर है, और उनका इलाज जारी है।
साहस और त्याग की मिसाल
यह घटना न केवल लीजा की बहादुरी और हिम्मत का उदाहरण पेश करती है, बल्कि यह हम सभी को यह भी सिखाती है कि किसी की मदद करने के लिए हमें डर को किनारे रखकर साहस और समर्पण दिखाना चाहिए। लीजा ने अपने छोटे भाई को मौत के मुंह से निकालकर न केवल अपने परिवार का दिल जीत लिया, बल्कि पूरे इलाके में अपनी बहादुरी की मिसाल कायम की है।
परिवार की कठिनाइयाँ और बच्चों की तात्कालिक स्थिति
घायलों के परिवार के सदस्य, मजदूर सुरेश राव और उनकी पत्नी पूनम राव, इस समय बहुत कठिनाई का सामना कर रहे हैं। घटना की जानकारी मिलने के बाद मां और आसपास के लोग अस्पताल पहुंचे। लीजा और क्रिश के इलाज के लिए परिवार और मित्रों ने समर्थन किया, और उम्मीद जताई कि दोनों जल्दी ठीक हो जाएंगे।
यह कहानी साहस, आत्मबल और परिवार के प्रति सच्ची जिम्मेदारी का प्रतीक है, जो जीवन के सबसे कठिन हालात में भी हमें आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है।
