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By: Ravindra Sikarwar

Andhra Pradesh news: विश्व प्रसिद्ध तिरुपति स्थित श्री गोविंदराजस्वामी मंदिर में शुक्रवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक नशे में धुत व्यक्ति मंदिर के गोपुरम (द्वार टावर) पर चढ़ गया। इस घटना ने मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। करीब तीन घंटे तक चले नाटकीय बचाव अभियान के बाद पुलिस और दमकल विभाग की टीम ने व्यक्ति को सुरक्षित नीचे उतारा। आरोपी की पहचान तेलंगाना के निजामाबाद जिले के निवासी कुडिटी तिरुपति के रूप में हुई है।

घटना कैसे हुई?
घटना 3 जनवरी 2026 की सुबह की है। जानकारी के अनुसार, कुडिटी तिरुपति नशे की हालत में मंदिर परिसर में घुस आया। उसने मुख्य द्वार से प्रवेश करने के बजाय दीवार फांदकर अंदर प्रवेश किया। मंदिर के अंदर लकड़ी के अस्थायी तंबू सपोर्ट के सहारे वह आगे बढ़ा और फिर सीधे गोपुरम पर चढ़ गया। ऊपर पहुंचकर उसने गोपुरम के शिखर पर लगे पवित्र कलशों (धातु के शिखर) को खींचने की कोशिश की। इसी दौरान सतर्क मंदिर कर्मियों की नजर उस पर पड़ी और उन्होंने तुरंत शोर मचाया।

मंदिर में मौजूद श्रद्धालु और कर्मचारी यह देखकर स्तब्ध रह गए कि कोई व्यक्ति इतनी ऊंचाई पर कैसे पहुंच गया। गोपुरम की ऊंचाई को देखते हुए स्थिति बेहद खतरनाक थी। व्यक्ति का संतुलन बिगड़ने का खतरा बना हुआ था, जिससे वह कभी भी नीचे गिर सकता था।

तीन घंटे का रोमांचक बचाव अभियान
सूचना मिलते ही तिरुपति ईस्ट पुलिस और दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची। तिरुमला तिरुपति देवस्थानम (टीटीडी) के सुरक्षा कर्मियों ने भी तुरंत परिसर को घेर लिया। व्यक्ति को नीचे उतारने के लिए रस्सियां, लोहे की सीढ़ियां और अन्य उपकरणों का इस्तेमाल किया गया। टीम को बहुत सावधानी बरतनी पड़ी क्योंकि गोपुरम की संरचना नाजुक होती है और कोई गलती भारी नुकसान पहुंचा सकती थी।

करीब तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आखिरकार पुलिस और दमकल कर्मियों ने व्यक्ति को सुरक्षित नीचे उतार लिया। इस दौरान उसने कोई विरोध नहीं किया, लेकिन नशे के कारण उसकी हालत स्थिर नहीं थी। बचाव अभियान सफल रहा और कोई बड़ा हादसा टल गया।

नुकसान और पुलिस कार्रवाई
जांच में पता चला कि आरोपी ने गोपुरम के दो कलशों को क्षतिग्रस्त कर दिया था। ये कलश मंदिर की धार्मिक और स्थापत्य महत्व की दृष्टि से बेहद पवित्र माने जाते हैं। उनकी मरम्मत के लिए टीटीडी को अलग से व्यवस्था करनी पड़ेगी।

व्यक्ति को हिरासत में लेने के बाद उसे तिरुपति ईस्ट पुलिस स्टेशन ले जाया गया, जहां उससे पूछताछ की जा रही है। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि वह शराब के नशे में था और मानसिक रूप से भी पूरी तरह स्थिर नहीं लग रहा था। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि उसका मंदिर में घुसने और गोपुरम पर चढ़ने का इरादा क्या था। क्या यह सिर्फ नशे की वजह से हुआ या इसके पीछे कोई और कारण था।

सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
यह घटना तिरुपति जैसे विश्व प्रसिद्ध धार्मिक स्थल की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवालिया निशान लगा रही है। रोजाना लाखों श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए आते हैं और मंदिर परिसर में कड़ी सुरक्षा रहती है। फिर भी एक व्यक्ति दीवार फांदकर अंदर घुस आया और गोपुरम तक पहुंच गया, यह सुरक्षा में बड़ी चूक को दर्शाता है।

स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं ने टीटीडी प्रशासन से मांग की है कि मंदिर परिसर की दीवारों की ऊंचाई बढ़ाई जाए, सीसीटीवी कवरेज को और मजबूत किया जाए तथा प्रवेश द्वारों पर और सख्त चेकिंग की व्यवस्था हो। खासकर गोपुरम जैसे संवेदनशील हिस्सों तक पहुंच को पूरी तरह सीमित करने की जरूरत बताई जा रही है।

टीटीडी अधिकारियों ने कहा कि घटना की पूरी जांच कराई जाएगी और सुरक्षा व्यवस्था में जो भी कमियां सामने आएंगी, उन्हें तुरंत दूर किया जाएगा। साथ ही, ऐसे असामाजिक तत्वों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।

यह घटना एक बार फिर याद दिलाती है कि धार्मिक स्थलों की सुरक्षा कितनी महत्वपूर्ण है। नशे की लत न केवल व्यक्ति को बल्कि पूरे समाज को खतरे में डाल सकती है। उम्मीद है कि इस मामले से सबक लेकर तिरुपति मंदिर की सुरक्षा को और मजबूत बनाया जाएगा, ताकि श्रद्धालु निश्चिंत होकर दर्शन कर सकें।

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