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By: Ravindra Sikarwar

Balod news: छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में एक सरकारी स्कूल के सहायक शिक्षक पर दुष्कर्म का गंभीर आरोप लगा है। 50 वर्षीय महिला की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी शिक्षक को गिरफ्तार कर लिया है और उसके खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। महिला का आरोप है कि शिक्षक ने उसे शादी का वादा करके पिछले 8 सालों तक शारीरिक शोषण किया।

आरोपी शिक्षक का नाम रज्जू महिलांग
यह घटना बालोद थाना क्षेत्र के औराभाठा स्थित प्राथमिक शाला के सहायक शिक्षक रज्जू महिलांग (43) से जुड़ी है। पीड़िता ने शिकायत में बताया कि आरोपी शिक्षक ने शादी का झांसा देकर कई बार उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए और उसे मानसिक तथा शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया। महिला ने आरोप लगाया कि आरोपी ने उसे विश्वास दिलाया था कि वह शादी करेगा, लेकिन वह लगातार उसका शोषण करता रहा।

पुलिस ने दर्ज किया मामला और की गिरफ्तारी
महिला की शिकायत के बाद बालोद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म और शारीरिक शोषण की धाराओं में एफआईआर दर्ज की। पुलिस ने आरोपी शिक्षक को गिरफ्तार कर उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। मामले की विस्तृत जांच अभी जारी है और पुलिस ने बताया कि यह घटना पिछले आठ वर्षों से चल रही थी।

पीड़िता का बयान
पीड़िता ने अपनी शिकायत में कहा कि आरोपी ने उसे कई बार शादी का प्रलोभन दिया और शारीरिक संबंध बनाए। इस दौरान महिला का मानसिक और शारीरिक रूप से शोषण होता रहा, जबकि शिक्षक ने हमेशा उसे यह आश्वासन दिया कि वे जल्द शादी करेंगे। पीड़िता का आरोप है कि यह शोषण एक लंबे समय तक चलता रहा, जिससे वह गहरे मानसिक आघात का शिकार हो गई।

पुलिस कार्रवाई और आरोपी की गिरफ्तारी
बालोद पुलिस ने महिला की शिकायत के आधार पर आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 69 और 351(3) के तहत मामला दर्ज किया। पुलिस ने बताया कि यह मामला गंभीर है और आरोपी के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

शुरुआत में पुलिस ने आरोपी शिक्षक को पकड़ने के बाद उसे न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। पुलिस ने इस मामले में और गहन जांच शुरू कर दी है, ताकि घटना से जुड़े सभी तथ्यों को सामने लाया जा सके।

मामले के आसपास के ताजा घटनाक्रम
बालोद जिले में यह घटना तब हुई है जब कई अन्य संवेदनशील मामले भी मीडिया में चर्चा का विषय बने हुए हैं। इस तरह की घटनाएं समाज में महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों की ओर इशारा करती हैं और कानून की सख्त कार्रवाई की आवश्यकता को और अधिक उजागर करती हैं।

न्यायिक प्रक्रिया और महिला के अधिकारों की सुरक्षा
इस मामले में पुलिस की त्वरित कार्रवाई ने एक सकारात्मक संकेत दिया है, लेकिन इसे न्याय प्रक्रिया में समय और सही निर्णय की आवश्यकता होगी। जहां तक पीड़िता का सवाल है, उसे न्याय दिलाने की दिशा में कानून की पूरी मदद मिलनी चाहिए। ऐसे मामलों में समाज को यह समझने की आवश्यकता है कि महिला के अधिकारों का उल्लंघन किसी भी रूप में स्वीकार्य नहीं होना चाहिए, और इसे सख्ती से रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाने चाहिए।

समाप्ति और आगे की दिशा
बालोद में घटित यह घटना समाज के लिए एक बड़ा संदेश देती है कि महिला शोषण और दुष्कर्म जैसे मामलों में किसी भी तरह की नरमी नहीं होनी चाहिए। इस मामले में पुलिस का त्वरित और प्रभावी कदम सराहनीय है, लेकिन यह भी महत्वपूर्ण है कि भविष्य में ऐसे अपराधों को रोकने के लिए जागरूकता अभियान चलाए जाएं और समाज में हर स्तर पर महिला अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित की जाए।

बालोद पुलिस का यह कदम इस मामले को न्याय दिलाने की दिशा में एक अहम पहल है, और आगे की जांच से और भी सच्चाई सामने आने की संभावना है।

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