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By: Ravindra Sikarwar

Bharat Taxi news: नए साल 2026 की शुरुआत भारतीय राइड-हेलिंग मार्केट में बड़ा बदलाव लेकर आ रही है। सहकारिता मंत्रालय की पहल पर विकसित की गई ‘भारत टैक्सी’ सेवा 1 जनवरी से आधिकारिक रूप से शुरू हो रही है। यह देश की पहली ड्राइवर-स्वामित्व वाली कोऑपरेटिव कैब प्लेटफॉर्म है, जो निजी कंपनियों जैसे ओला, उबर और रैपिडो को सीधी चुनौती देगी। दिल्ली और गुजरात के कुछ इलाकों में पहले से चल रहे पायलट प्रोजेक्ट्स के अच्छे नतीजों के बाद अब इसे देशव्यापी बनाने की तैयारी है। शुरुआती चरण में दिल्ली और गुजरात पर फोकस रहेगा, जबकि मुंबई, पुणे जैसे शहरों में छह महीने बाद विस्तार होगा।

भारत टैक्सी की सबसे बड़ी खासियत इसका सहकारी मॉडल है, जो अमूल जैसी सफल कोऑपरेटिव संस्थाओं से प्रेरित है। यहां ड्राइवर सिर्फ सर्विस प्रोवाइडर नहीं, बल्कि प्लेटफॉर्म के सह-मालिक होंगे। सहकार टैक्सी कोऑपरेटिव लिमिटेड द्वारा संचालित इस सेवा में ड्राइवरों को कोई कमीशन नहीं देना पड़ेगा। निजी ऐप्स में अक्सर 20-30 प्रतिशत तक कमीशन कट जाता है, लेकिन यहां ड्राइवर अपनी कमाई का लगभग पूरा हिस्सा (80-100 प्रतिशत) खुद रख सकेंगे। सिर्फ एक मामूली सदस्यता शुल्क या मेंटेनेंस फीस देनी होगी, जो ऑपरेशनल खर्चों के लिए इस्तेमाल होगी। इससे ड्राइवरों की आय बढ़ेगी और वे वार्षिक लाभांश, इंश्योरेंस तथा बोर्ड में प्रतिनिधित्व जैसी सुविधाओं के हकदार होंगे।

यात्रियों के लिए भी यह सेवा आकर्षक है। सबसे बड़ी राहत सर्ज प्राइसिंग की अनुपस्थिति है। ओला-उबर में पीक आवर्स, बारिश या हाई डिमांड में किराया अचानक दोगुना-तिगुना हो जाता है, लेकिन भारत टैक्सी में किराया पारदर्शी और स्थिर रहेगा। पायलट टेस्ट्स में यह ओला-उबर से 25-30 प्रतिशत तक सस्ती साबित हुई है। एक ही ऐप में बाइक टैक्सी, ऑटो रिक्शा, सेडान कार या बड़ी गाड़ियां सभी विकल्प उपलब्ध होंगे, जिससे अलग-अलग ऐप्स की जरूरत नहीं पड़ेगी। सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया गया है – दिल्ली पुलिस के साथ पार्टनरशिप, ड्राइवरों का पूरा वेरिफिकेशन, लाइव लोकेशन ट्रैकिंग और इमरजेंसी सपोर्ट जैसी सुविधाएं शामिल हैं। इसके अलावा 24×7 कस्टमर केयर उपलब्ध रहेगा, ताकि किसी भी समस्या का तुरंत समाधान हो सके।

यह प्लेटफॉर्म सहकारिता मंत्रालय और नेशनल ई-गवर्नेंस डिवीजन के सहयोग से तैयार किया गया है। प्रमुख कोऑपरेटिव संस्थाएं जैसे अमूल (जीसीएमएमएफ), इफ्को, नाबार्ड, एनसीडीसी, नाफेड आदि इसके प्रमोटर हैं। ड्राइवरों को सदस्य बनाकर उन्हें सशक्त बनाने का लक्ष्य है। पहले से ही हजारों ड्राइवर रजिस्टर्ड हो चुके हैं, और 2030 तक एक लाख ड्राइवरों को जोड़कर ग्रामीण इलाकों तक पहुंचाने की योजना है। सरकार का मानना है कि यह न केवल शहरी यात्रियों को सस्ती और विश्वसनीय सेवा देगा, बल्कि ग्रामीण युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करेगा।

ऐप का सॉफ्ट लॉन्च पहले ही हो चुका है। यात्रियों के लिए ‘Bharat Taxi’ ऐप और ड्राइवरों के लिए ‘Bharat Taxi Driver’ ऐप गूगल प्ले स्टोर तथा ऐपल ऐप स्टोर पर उपलब्ध हैं। शुरुआत में बीटा वर्जन है, लेकिन 1 जनवरी से फुल सर्विसेस शुरू हो जाएंगी। तकनीकी रूप से यह ओएनडीसी सपोर्टेड नम्मा यात्री ऐप जैसी ओपन इंफ्रास्ट्रक्चर पर आधारित है, जो पारदर्शिता और इंटरऑपरेबिलिटी सुनिश्चित करता है।

भारत टैक्सी सिर्फ एक कैब सेवा नहीं, बल्कि सहकारिता के सिद्धांतों पर आधारित एक सामाजिक-आर्थिक प्रयोग है। जहां निजी कंपनियां मुनाफे के लिए ड्राइवरों और यात्रियों दोनों पर बोझ डालती हैं, वहीं यह मॉडल सभी के हितों को संतुलित करता है। अगर यह सफल होता है, तो राइड-हेलिंग इंडस्ट्री में क्रांति ला सकता है और ड्राइवरों को असली आत्मनिर्भरता दे सकता है। नए साल में कैब बुकिंग का अनुभव बदलने वाला है – सस्ता, सुरक्षित और निष्पक्ष।

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