By: Ravindra Sikarwar
मुंबई के भांडुप वेस्ट इलाके में सोमवार देर रात एक दिल दहला देने वाली घटना घटी, जब बृहन्मुंबई इलेक्ट्रिक सप्लाई एंड ट्रांसपोर्ट (BEST) की एक बस रिवर्स लेते समय अनियंत्रित हो गई और सड़क पर मौजूद राहगीरों को कुचल दिया। इस भयावह हादसे में चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि नौ अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना भांडुप रेलवे स्टेशन के पास व्यस्त स्टेशन रोड पर रात करीब 10 बजे हुई, जहां हमेशा लोगों की भीड़ रहती है।


चश्मदीदों के अनुसार, बस रूट के अंतिम छोर पर यू-टर्न ले रही थी, तभी अचानक वह बेकाबू हो गई और फुटपाथ पर खड़े या सड़क किनारे चल रहे लोगों से टकरा गई। कुछ रिपोर्ट्स में कहा गया कि ठेले और फुटपाथ पर अतिक्रमण के कारण राहगीर सड़क पर उतर आए थे, जिससे हादसा और घातक हो गया। सीसीटीवी फुटेज में बस का रिवर्स में तेजी से आना और लोगों को चपेट में लेते दिखाई दे रहा है, जिससे मौके पर चीख-पुकार मच गई। परिजन और आसपास के लोग घायलों को बचाने की कोशिश करते नजर आए, लेकिन अफरा-तफरी के माहौल में कई लोग बस के नीचे आ गए।

सूचना मिलते ही मुंबई फायर ब्रिगेड, पुलिस, BEST कर्मचारी और 108 एम्बुलेंस की टीमें तुरंत घटनास्थल पर पहुंचीं। राहत और बचाव कार्य जोर-शोर से शुरू हुआ। घायलों को फौरन निकटवर्ती अस्पतालों जैसे राजावाड़ी अस्पताल (घाटकोपर), एमटी अग्रवाल अस्पताल (मुलुंड), सायन अस्पताल, फोर्टिस और अन्य निजी अस्पतालों में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों ने पुष्टि की कि चार लोगों—तीन महिलाओं और एक पुरुष सहित—की मौत मौके पर ही हो चुकी थी। घायलों में ज्यादातर पुरुष हैं, जिनकी हालत गंभीर बताई जा रही है, लेकिन समय पर इलाज से उनकी जान बचाई जा सकी।

पुलिस ने बस ड्राइवर को हिरासत में ले लिया है। डीसीपी हेमराज सिंह राजपूत के अनुसार, ड्राइवर से पूछताछ की जा रही है और बस की तकनीकी व मैकेनिकल जांच कराई जाएगी। प्रारंभिक जांच में ब्रेक फेल या ड्राइवर की लापरवाही की आशंका जताई जा रही है, लेकिन सटीक कारण जांच के बाद ही स्पष्ट होगा। कुछ रिपोर्ट्स में यह भी उल्लेख है कि इलाके में मिडी बसों की तंग जगह में परिचालन की समस्या पहले से चर्चा में थी, क्योंकि इनका टर्निंग रेडियस कम होता है।
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर लिखा कि यह घटना अत्यंत दुखद है और मृतकों के परिवारों के साथ सरकार खड़ी है। उन्होंने प्रत्येक मृतक के परिजनों को 5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता की घोषणा की है, साथ ही घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना की। विपक्षी नेताओं ने भी हादसे की निंदा की और जांच की मांग की है।
यह हादसा मुंबई की सड़क सुरक्षा और सार्वजनिक परिवहन की चुनौतियों को फिर से उजागर करता है। व्यस्त इलाकों में फुटपाथ अतिक्रमण, बसों की तकनीकी स्थिति और ड्राइवर प्रशिक्षण जैसे मुद्दे बार-बार सामने आते हैं। पिछले साल कुर्ला में हुए समान हादसे की याद ताजा हो गई, जहां भी BEST बस ने कई जानें ली थीं। प्रशासन से उम्मीद है कि इस घटना से सबक लेकर सख्त कदम उठाए जाएंगे, ताकि भविष्य में ऐसी त्रासदियां न हों। फिलहाल, इलाके में माहौल गमगीन है और मृतकों के परिजन सदमे में हैं।
