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By: Ravindra Sikarwar

भारतीय रेलवे ने यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए आरक्षण चार्ट तैयार करने के नियम में महत्वपूर्ण बदलाव किया है। नए साल 2026 की शुरुआत यानी 1 जनवरी से सभी ट्रेनों का पहला रिजर्वेशन चार्ट ट्रेन के प्रस्थान समय से कम से कम 10 घंटे पहले तैयार किया जाएगा। यह बदलाव खासकर वेटिंग लिस्ट (WL) और RAC वाले यात्रियों के लिए बड़ा फायदा लेकर आएगा, क्योंकि अब उन्हें आखिरी समय तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा। पहले कई ट्रेनों में चार्ट सिर्फ 4 से 8 घंटे पहले बनता था, जिससे दूर-दराज के इलाकों से आने वाले यात्रियों को काफी परेशानी होती थी।

रेलवे बोर्ड ने दिसंबर 2025 में ही इस बदलाव के निर्देश सभी जोनल रेलवे को जारी कर दिए थे, और अब पश्चिम मध्य रेलवे सहित पूरे देश में इसे लागू किया जा रहा है। इस नए सिस्टम से यात्रियों को अपनी सीट की स्थिति का पहले पता चल जाएगा, जिससे वे समय रहते वैकल्पिक व्यवस्था कर सकेंगे। चाहे दूसरी ट्रेन बुक करें, बस का टिकट लें या यात्रा टाल दें – निर्णय लेने के लिए पर्याप्त समय मिलेगा। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, यह कदम यात्रियों की लंबे समय से चली आ रही शिकायतों को दूर करने के लिए उठाया गया है।

ट्रेन के प्रस्थान समय के अनुसार चार्ट तैयार होने का नया शेड्यूल
रेलवे ने चार्ट तैयार करने का समय ट्रेन के डिपार्चर टाइम के आधार पर निर्धारित किया है, ताकि सभी श्रेणियों की ट्रेनों में एकरूपता रहे:

  • सुबह 5:01 बजे से दोपहर 2:00 बजे तक प्रस्थान करने वाली ट्रेनें: इनका पहला रिजर्वेशन चार्ट पिछले दिन रात 8:00 बजे तक तैयार हो जाएगा। इससे सुबह की ट्रेनों में यात्रा करने वालों को एक दिन पहले ही क्लैरिटी मिल जाएगी।
  • दोपहर 2:01 बजे से रात 11:59 बजे तक और आधी रात 12:00 बजे से सुबह 5:00 बजे तक प्रस्थान करने वाली ट्रेनें: इनका चार्ट न्यूनतम 10 घंटे पहले बनाया जाएगा। उदाहरण के लिए, अगर ट्रेन शाम 6 बजे रवाना हो रही है, तो चार्ट सुबह 8 बजे तक तैयार हो सकता है।

इसके अलावा, इन ट्रेनों के लिए इमरजेंसी कोटा (EQ) के आवेदन भी अब एक दिन पहले स्वीकार किए जाएंगे, जिससे आपात स्थिति में मदद मिलेगी। दूसरा और अंतिम चार्ट अभी भी पुराने नियमों के अनुसार तैयार होगा, ताकि आखिरी समय में उपलब्ध सीटों का उपयोग हो सके।

यात्रियों को क्या फायदे होंगे?
यह बदलाव यात्रियों के लिए कई तरीकों से लाभकारी साबित होगा:

  • समय पर निर्णय: वेटिंग लिस्ट वाले यात्री पहले जान सकेंगे कि टिकट कन्फर्म होगा या नहीं। अगर नहीं हुआ, तो बेवजह स्टेशन जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
  • अनावश्यक खर्च और परेशानी से बचाव: दूर से आने वाले यात्रियों को बार-बार स्टेशन की दौड़ नहीं भगानी पड़ेगी। होटल बुकिंग, कनेक्टिंग जर्नी या अन्य ट्रांसपोर्ट की प्लानिंग आसान हो जाएगी।
  • बेहतर यात्रा अनुभव: रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी सौरभ कटारिया जैसे अधिकारियों का कहना है कि पुरानी व्यवस्था में देर से चार्ट बनने से यात्रियों में तनाव रहता था। नई प्रणाली से सही समय पर जानकारी मिलेगी और यात्रा अधिक आरामदायक बनेगी।

रेलवे बोर्ड ने सेंटर फॉर रेलवे इंफॉर्मेशन सिस्टम्स (CRIS) को भी निर्देश दिए हैं कि टिकटिंग सिस्टम में यह बदलाव तुरंत लागू किया जाए। IRCTC ऐप और वेबसाइट पर भी चार्ट की स्थिति पहले चेक की जा सकेगी।

सलाह यात्रियों के लिए
यदि आप नए साल में ट्रेन यात्रा की योजना बना रहे हैं, तो 1 जनवरी 2026 के बाद बुकिंग करते समय इस नए नियम को ध्यान में रखें। PNR स्टेटस चेक करने के लिए IRCTC की आधिकारिक वेबसाइट या ऐप का उपयोग करें। अगर टिकट वेटिंग में है, तो चार्ट तैयार होने का इंतजार करें और वैकल्पिक प्लान तैयार रखें। रेलवे नियमित रूप से अपडेट जारी करता रहता है, इसलिए आधिकारिक स्रोतों से जानकारी प्राप्त करते रहें।

यह बदलाव भारतीय रेलवे की यात्री-केंद्रित नीतियों का हिस्सा है, जो लाखों लोगों की दैनिक यात्रा को आसान बनाने की दिशा में एक कदम है। इससे न केवल तनाव कम होगा, बल्कि रेल यात्रा अधिक विश्वसनीय और सुविधाजनक बनेगी। अधिक जानकारी के लिए IRCTC या रेलवे की हेल्पलाइन से संपर्क करें।

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