Spread the love

By: Ravindra Sikarwar

तिरुवनंतपुरम: भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के 140वें स्थापना दिवस के अवसर पर केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी (KPCC) मुख्यालय में आयोजित समारोह एक अप्रत्याशित वजह से सुर्खियों में आ गया। कार्यक्रम के दौरान झंडारोहण के बाद सामूहिक रूप से गाया गया राष्ट्रगान में शुरुआती पंक्ति की उच्चारण संबंधी चूक ने राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया। इस घटना का एक छोटा वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया, जिसके बाद विभिन्न पक्षों से प्रतिक्रियाएं सामने आईं।

28 दिसंबर 2025 को देशभर में कांग्रेस पार्टी अपना स्थापना दिवस मना रही थी। केरल में भी KPCC कार्यालय परिसर में उत्साहपूर्ण माहौल था। कार्यक्रम में पार्टी के कई दिग्गज नेता उपस्थित थे, जिनमें पूर्व रक्षा मंत्री ए.के. एंटनी, पूर्व मुख्यमंत्री वी.एम. सुधीरन, अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की नेता दीपा दास मुंशी और पलोडे रवि जैसे नाम शामिल थे। इसके अलावा सेवा दल के स्वयंसेवक और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता भी मौजूद थे।

झंडारोहण के बाद सभी नेता और कार्यकर्ता राष्ट्रगान के लिए सावधान मुद्रा में खड़े हुए। राष्ट्रगान शुरू होते ही पहली पंक्ति “जन गण मन अधिनायक जय हे” के उच्चारण में गलती सुनाई दी। वीडियो में स्पष्ट रूप से यह चूक नजर आ रही है, जो लगभग 1 मिनट 14 सेकंड लंबा है। हालांकि कार्यक्रम का बाकी हिस्सा सामान्य रूप से संपन्न हुआ, लेकिन यह छोटी सी भूल सोशल मीडिया पर वायरल हो गई।

वीडियो वायरल होने के बाद ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर कांग्रेस नेताओं की आलोचना शुरू हो गई। कई यूजर्स ने इसे राष्ट्रप्रेम और गरिमा से जुड़ा मुद्दा बताते हुए सवाल उठाए। कुछ ने इसे अनजाने में हुई मानवीय भूल करार दिया, तो कुछ ने राजनीतिक रंग देने की कोशिश की। केरल की उच्च साक्षरता दर को ध्यान में रखते हुए भी कुछ टिप्पणियां व्यंग्यात्मक थीं।

पार्टी की ओर से इस घटना पर अभी तक कोई आधिकारिक बयान या स्पष्टीकरण नहीं जारी किया गया है। न तो KPCC स्तर पर और न ही राष्ट्रीय नेतृत्व से कोई प्रतिक्रिया आई है। सूत्रों के अनुसार, यह एक अनजाने में हुई गलती थी और इसे अधिक तूल नहीं दिया जाना चाहिए। कांग्रेस के समर्थक इसे छोटी घटना मानकर आगे बढ़ने की बात कर रहे हैं, जबकि विपक्षी दल इसे मौका मानकर प्रचारित कर रहे हैं।

राष्ट्रगान का सम्मान भारतीय संविधान और कानून में स्पष्ट रूप से निर्धारित है। जन-गण-मन को सही ढंग से गाना हर नागरिक की जिम्मेदारी माना जाता है, खासकर सार्वजनिक कार्यक्रमों में। ऐसे आयोजनों में छोटी चूक भी बड़ी चर्चा का विषय बन जाती है, क्योंकि यह राष्ट्रीय प्रतीकों से जुड़ा होता है। पहले भी विभिन्न राजनीतिक दलों के कार्यक्रमों में ऐसी घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जो सोशल मीडिया के युग में तुरंत वायरल हो जाती हैं।

कांग्रेस का स्थापना दिवस स्वतंत्रता संग्राम और लोकतांत्रिक मूल्यों की याद दिलाता है। 1885 में स्थापित यह पार्टी देश की आजादी से लेकर संविधान निर्माण तक में अहम भूमिका निभा चुकी है। केरल में भी कांग्रेस की मजबूत उपस्थिति है, और ऐसे समारोह कार्यकर्ताओं में जोश भरने के लिए आयोजित किए जाते हैं। इस बार का कार्यक्रम भी उत्साह से भरा था, लेकिन राष्ट्रगान की यह घटना छायी रही।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सोशल मीडिया के दौर में ऐसी छोटी घटनाएं जल्दी राजनीतिक रंग ले लेती हैं। एक तरफ जहां यह पार्टी की छवि पर असर डाल सकती है, वहीं दूसरी तरफ यह याद दिलाती है कि सार्वजनिक जीवन में हर कदम पर सतर्कता जरूरी है। फिलहाल, पार्टी इस मामले को शांतिपूर्वक हैंडल करने की रणनीति पर चल रही लगती है।

यह घटना एक बार फिर राष्ट्रीय प्रतीकों के सम्मान पर बहस छेड़ सकती है। उम्मीद है कि भविष्य में ऐसे आयोजनों में अधिक सावधानी बरती जाएगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *