By: Ravindra Sikarwar
मध्यप्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी पहल के तहत पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की 101वीं जयंती पर ग्वालियर में एक भव्य राज्य स्तरीय आयोजन संपन्न हुआ। यह कार्यक्रम औद्योगिक विकास और रोजगार सृजन को केंद्र में रखकर आयोजित किया गया, जिसमें बड़े पैमाने पर निवेश प्रस्तावों को मूर्त रूप देने की दिशा में ठोस कदम उठाए गए। इस समिट ने प्रदेश को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने और युवाओं को रोजगार प्रदान करने की सरकार की प्रतिबद्धता को रेखांकित किया।
समिट का उद्देश्य और थीम
‘अभ्युदय मध्यप्रदेश ग्रोथ समिट : निवेश से रोजगार’ नामक इस आयोजन की थीम रखी गई थी – ‘निवेश से रोजगार – अटल संकल्प, उज्ज्वल मध्यप्रदेश’। यह थीम पूर्व प्रधानमंत्री अटल जी के विकासोन्मुखी विजन से प्रेरित थी। समिट का मुख्य फोकस पिछले दो वर्षों में प्रदेश में आए औद्योगिक निवेश को रोजगार में बदलना था। आयोजन में पिछले समय की उपलब्धियों को साझा किया गया, जिसमें नए औद्योगिक क्षेत्रों, क्लस्टरों और प्लग-एंड-प्ले इकाइयों की स्थापना से स्थानीय उद्योगों को मिलने वाले लाभ पर चर्चा हुई। यह कार्यक्रम न केवल निवेशकों को प्रोत्साहित करने वाला था, बल्कि युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा करने की दिशा में एक मजबूत कदम साबित हुआ।

प्रमुख अतिथि और आयोजन की झलकियां
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह इस समिट के मुख्य अतिथि थे, जबकि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। ग्वालियर के मेला ग्राउंड पर आयोजित इस राज्य स्तरीय कार्यक्रम में देश-विदेश के प्रमुख उद्योगपति और बिजनेस लीडर्स ने भाग लिया। इनमें गोदरेज इंडस्ट्रीज, जेके टायर, टॉरंट पावर, डाबर इंडिया, वर्धमान ग्रुप, ग्रीनको और भारत पेट्रोलियम जैसी बड़ी कंपनियां शामिल थीं। इनकी उपस्थिति से स्पष्ट हुआ कि मध्यप्रदेश अब निवेशकों की पसंदीदा मंजिल बन चुका है।

समिट में 2 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्तावों के लिए औद्योगिक भूमि का आवंटन किया गया। इसके अलावा, 10 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा की परियोजनाओं का भूमि पूजन और लोकार्पण भी संपन्न हुआ। निवेशकों को सिंगल विंडो सिस्टम के माध्यम से प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई, जिससे प्रक्रियाएं सरल और तेज हुईं। कार्यक्रम में उच्च रोजगार सृजन करने वाले उद्यमियों का सम्मान, भूमि आवंटन पत्रों का वितरण और युवाओं से सीधा संवाद जैसे सत्र भी आयोजित हुए। संभाग स्तर पर औद्योगिक भूमि आवंटन से संबंधित महत्वपूर्ण घोषणाएं भी की गईं, जो क्षेत्रीय विकास को नई गति प्रदान करेंगी।
अटल जी को श्रद्धांजलि और विशेष प्रदर्शनी
चूंकि यह आयोजन अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती पर हुआ, इसलिए समिट में उनके जीवन, योगदान और दूरदर्शी नेतृत्व पर आधारित एक विशेष प्रदर्शनी लगाई गई। प्रदर्शनी में अटल जी के सुशासन, आधारभूत संरचना विकास और औद्योगिक दृष्टि को प्रमुखता से दर्शाया गया। इसके अलावा, ग्वालियर की ऐतिहासिक विरासत को दिखाने वाली ‘ग्वालियर वॉल’ और प्रदेश की विभिन्न औद्योगिक उपलब्धियों के मॉडल भी प्रदर्शित किए गए। मेहमानों को मिंट स्टोन पर बने विशेष वृक्ष प्रतीक चिह्न भेंट किए गए, जो प्रदेश में उद्योगों के मजबूत आधार और निरंतर विस्तार का प्रतीक थे।
अमित शाह का आगमन और सुरक्षा व्यवस्था
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह समिट में शामिल होने के लिए बुधवार रात ग्वालियर पहुंचे। एयरपोर्ट पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उनका स्वागत किया। इस दौरान प्रदेश के मंत्री, जनप्रतिधि और भाजपा पदाधिकारी मौजूद रहे। शाह के आगमन पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे, जिसमें हजारों पुलिस कर्मी तैनात रहे। शाह ने ऊषा किरण पैलेस में पार्टी नेताओं से मुलाकात भी की।

प्रदेश के लिए नई उम्मीद
यह ग्रोथ समिट मध्यप्रदेश को निवेश-अनुकूल राज्य बनाने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित हुई। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश तेजी से औद्योगिक केंद्र बन रहा है, जहां निवेश केवल कागजों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि उत्पादन और रोजगार में बदलता है। इस आयोजन से न केवल ग्वालियर-चंबल अंचल का विकास तेज होगा, बल्कि पूरे प्रदेश में नए रोजगार के द्वार खुलेंगे। अटल जी के संकल्प को साकार करते हुए मध्यप्रदेश अब आत्मनिर्भर और समृद्धि की नई ऊंचाइयों को छूने की ओर अग्रसर है।
