By: Ravindra Sikarwar
शामली: उत्तर प्रदेश के शामली जिले में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी और दो नाबालिग बेटियों की हत्या कर उनके शवों को घर के आंगन में गड्ढे में दफना दिया। आरोपी की पहचान मोहम्मद फारुख के रूप में हुई है, जो गांव गढ़ी दौलत का निवासी है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और पूछताछ जारी है। यह वारदात 9-10 दिसंबर की रात को हुई, लेकिन मामला मंगलवार शाम को तब खुला जब परिवार वालों ने गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस के अनुसार, आरोपी फारुख और उसकी पत्नी ताहिरा (उम्र करीब 32-36 साल) के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। मुख्य कारण आर्थिक तंगी और घरेलू कलह था। कुछ समय पहले ताहिरा ने फारुख से कुछ काम के लिए पैसे मांगे थे, जिस पर दोनों में झगड़ा हो गया। गुस्से में ताहिरा बिना बुरका या हिजाब पहने अपने मायके चली गई थी। फारुख को यह बात बेहद नागवार गुजरी और उसने महसूस किया कि इससे उसकी इज्जत समाज में कम हो गई है। करीब एक महीने बाद फारुख ने पत्नी को मनाकर वापस घर बुलाया, लेकिन मन में बदले की आग सुलग रही थी।
पुलिस अधीक्षक एन.पी. सिंह ने बताया कि फारुख ने पहले से ही योजना बना रखी थी। उसने घर के आंगन में एक गहरा गड्ढा (करीब 7 से 9 फीट) खोद रखा था, जिसे वह टॉयलेट बनाने के बहाने तैयार कर रहा था। वारदात वाली रात फारुख ने देर रात पत्नी को चाय बनाने के लिए जगाया। जब ताहिरा चाय बनाने बाहर आई, तो फारुख ने अवैध पिस्तौल से उस पर गोली चला दी। इस दौरान बड़ी बेटी आफरीन (उम्र 12-14 साल) की नींद खुल गई और वह बीच-बचाव करने दौड़ी आई। फारुख ने उसे भी गोली मार दी। छोटी बेटी सहरीन या सहरीम (उम्र 5-7 साल) भी जाग गई और घटना देख ली, तो आरोपी ने उसे गला घोंटकर मार डाला।
हत्या के बाद फारुख ने तीनों शवों को उस पहले से खोदे गड्ढे में डाल दिया और ऊपर से मिट्टी व ईंटों से ढक दिया। कुछ रिपोर्ट्स में कहा गया है कि उसने जगह को कंक्रीट से भी सील कर दिया ताकि कोई शक न करे। इसके बाद वह सामान्य जीवन जीने लगा और बाहर वालों को बताया कि पत्नी और बेटियां कहीं चली गई हैं। परिवार के अन्य बच्चे सोते रहे और उन्हें कुछ पता नहीं चला। फारुख मजदूरी करता था और होटलों में रोटियां बनाने का काम करता था।
मामला तब खुला जब आरोपी के पिता दाऊद ने अपनी बहू और पोतियों के लापता होने की शिकायत गांव के प्रधान से की। प्रधान ने कांधला पुलिस स्टेशन को सूचना दी। पुलिस ने फारुख से सख्ती से पूछताछ की तो वह टूट गया और पूरी वारदात कबूल कर ली। पुलिस ने घर की खुदाई की और तीनों शव बरामद कर लिए। शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है। घटनास्थल से पिस्तौल और कारतूस भी बरामद हुए हैं।
यह घटना गांव में दहशत फैला दी है। पड़ोसी और रिश्तेदार सदमे में हैं। ताहिरा के भाई मोहम्मद इकबाल ने बताया कि फारुख पहले से ही जिम्मेदारियों से भागता था और अक्सर झगड़े करता था। परिवार को आर्थिक मदद भी मायके वालों से मिलती थी। इस हत्याकांड ने घरेलू हिंसा और कथित सम्मान के नाम पर होने वाली वारदातों पर फिर से सवाल उठाए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामलों में समाज की रूढ़िवादी सोच और पुरुष प्रधान मानसिकता बड़ा कारण बनती है, जो छोटे विवादों को इतनी बड़ी ट्रेजडी में बदल देती है।
पुलिस अब यह जांच कर रही है कि क्या फारुख को किसी ने मदद की या हथियार कहां से लाया। आरोपी के खिलाफ हत्या, सबूत मिटाने और अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। शामली जैसे छोटे जिलों में ऐसी घटनाएं दुर्लभ हैं, लेकिन यह वारदात पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गई है। महिलाओं के अधिकारों से जुड़े संगठन इस पर सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
यह दिल दहला देने वाली घटना हमें याद दिलाती है कि घरेलू विवादों को समय रहते सुलझाना कितना जरूरी है। काउंसलिंग और जागरूकता से ऐसी ट्रेजडी को रोका जा सकता है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद चार्जशीट दाखिल की जाएगी और दोषी को कड़ी सजा दिलाई जाएगी। गांव वाले अब शांति की अपील कर रहे हैं, लेकिन तीन मासूम जिंदगियों का खोना किसी को मंजूर नहीं।
