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By: Ravindra Sikarwar

भारत के हृदय प्रदेश के रूप में पहचाना जाने वाला मध्यप्रदेश एक बार फिर अपनी समृद्ध जैव-विविधता, घने जंगलों और प्रभावी वन्यजीव संरक्षण प्रयासों के कारण राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय मंच पर सराहा गया है। प्रतिष्ठित ‘ट्रेवल लीजर इंडिया बेस्ट अवॉर्ड्स 2025’ में मध्यप्रदेश को ‘बेस्ट वाइल्डलाइफ डेस्टिनेशन’ का सम्मान दिया जाना तय हुआ है। यह सम्मान नई दिल्ली स्थित आईटीसी मौर्य के नन्दिया गार्डन्स में आयोजित भव्य समारोह में प्रदान किया जाएगा। यह उपलब्धि न केवल राज्य के पर्यटन मानचित्र को मजबूती देती है, बल्कि संरक्षण और विकास के संतुलन की दिशा में अपनाई गई नीतियों की भी पुष्टि करती है।

ट्रेवल लीजर इंडिया बेस्ट अवॉर्ड्स का यह 14वां संस्करण है, जिसमें देशभर के प्रमुख पर्यटन स्थलों और राज्यों का मूल्यांकन किया गया। इस प्रतिस्पर्धा में मध्यप्रदेश का चयन उसके विस्तृत वन क्षेत्र, विविध वन्यजीव प्रजातियों, सुव्यवस्थित संरक्षित क्षेत्रों और जिम्मेदार पर्यटन मॉडल के कारण हुआ। राज्य में कान्हा, बांधवगढ़, पेंच, सतपुड़ा, पन्ना जैसे राष्ट्रीय उद्यान और अभयारण्य न केवल पर्यटकों के लिए आकर्षण हैं, बल्कि संरक्षण की दृष्टि से भी आदर्श माने जाते हैं।

इस उपलब्धि पर पर्यटन, संस्कृति एवं धार्मिक न्यास और धर्मस्व राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेंद्र भाव सिंह लोधी ने प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि यह सम्मान पूरे मध्यप्रदेश के लिए गर्व का विषय है और यह मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में अपनाई गई संवेदनशील और दूरदर्शी नीतियों का परिणाम है। उनके अनुसार, राज्य सरकार ने प्राकृतिक धरोहर के संरक्षण को प्राथमिकता देते हुए पर्यटन विकास को इस तरह आगे बढ़ाया है कि प्रकृति, स्थानीय समुदाय और पर्यटक—तीनों को लाभ पहुंचे। यह सम्मान पर्यटन विभाग, वन विभाग, स्थानीय समुदायों और प्रकृति प्रेमियों के सामूहिक प्रयासों को समर्पित है।

अपर मुख्य सचिव शिव शेखर शुक्ला ने इस सफलता को राज्य की संरक्षण आधारित पर्यटन नीति (कंजर्वेशन लेड टूरिज्म) की जीत बताया। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश का लक्ष्य केवल पर्यटकों की संख्या बढ़ाना नहीं है, बल्कि उन्हें सुरक्षित, जिम्मेदार और ज्ञानवर्धक अनुभव उपलब्ध कराना है। इसी सोच के तहत इको-टूरिज्म, समुदाय सहभागिता, पर्यावरणीय शिक्षा और वैज्ञानिक प्रबंधन पर विशेष जोर दिया गया है। इससे वन्यजीवों के आवास सुरक्षित हुए हैं और स्थानीय लोगों के लिए आजीविका के नए अवसर भी बने हैं।

अधिकारियों के अनुसार, यह सम्मान राज्य को सस्टेनेबल टूरिज्म की दिशा में और अधिक मजबूती से आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगा। आने वाले वर्षों में मध्यप्रदेश वन्यजीव संरक्षण, जल-वन प्रबंधन, जिम्मेदार सफारी संचालन और पर्यावरण-अनुकूल अधोसंरचना के क्षेत्र में नई पहल करेगा। साथ ही, पर्यटकों को प्रकृति के प्रति संवेदनशील बनाने के लिए जागरूकता कार्यक्रमों को भी विस्तार दिया जाएगा।

कुल मिलाकर, ‘बेस्ट वाइल्डलाइफ डेस्टिनेशन अवॉर्ड 2025’ मध्यप्रदेश की उस प्रतिबद्धता का प्रमाण है, जिसमें विकास और संरक्षण को साथ-साथ आगे बढ़ाया गया है। यह सम्मान न केवल वर्तमान उपलब्धियों का उत्सव है, बल्कि भविष्य की पीढ़ियों के लिए वन्यजीव और प्राकृतिक संसाधनों को सुरक्षित रखने के संकल्प को भी मजबूत करता है।

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