Spread the love

By: Ravindra Sikarwar

गाजा पट्टी में चल रहे तनावपूर्ण माहौल के बीच इजराइली रक्षा बलों (आईडीएफ) ने एक बड़ा दावा किया है। शनिवार को गाजा सिटी के पश्चिमी इलाके में किए गए एक सटीक हवाई हमले में हमास के सैन्य विंग अल-कासिम ब्रिगेड के वरिष्ठ कमांडर राएद साद को मार गिराने की घोषणा की गई है। इजराइली अधिकारियों के अनुसार, राएद साद हमास के हथियार उत्पादन और सैन्य पुनर्निर्माण के प्रमुख थे तथा 7 अक्टूबर 2023 को इजराइल पर हुए घातक हमले की योजना बनाने वालों में शामिल थे। यह हमला ऐसे समय में हुआ जब अक्टूबर 2025 में लागू हुआ संघर्षविराम अभी भी नाजुक स्थिति में है।

इजराइली सेना का कहना है कि उन्हें विश्वसनीय खुफिया सूचना मिली थी कि राएद साद गाजा सिटी में एक वाहन में यात्रा कर रहे थे। इसी जानकारी के आधार पर ड्रोन के जरिए कार पर हमला किया गया। आईडीएफ ने इस ऑपरेशन का फुटेज भी सार्वजनिक किया, जिसमें सड़क पर चल रही एक गाड़ी को निशाना बनाते हुए विस्फोट दिखाया गया है। इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और रक्षा मंत्री इसराइल काट्ज ने संयुक्त बयान में कहा कि यह कार्रवाई हाल ही में हमास द्वारा लगाए गए विस्फोटक उपकरण से दो इजराइली सैनिकों के घायल होने का प्रत्यक्ष जवाब थी। नेतन्याहू ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि इजराइल अपने सैनिकों पर किसी भी हमले को बर्दाश्त नहीं करेगा और ऐसे प्रयासों का कड़ा बदला लिया जाएगा।

राएद साद हमास की सैन्य संरचना में एक महत्वपूर्ण व्यक्ति थे। सूत्रों के अनुसार, वे अल-कासिम ब्रिगेड के दूसरे सबसे वरिष्ठ कमांडर थे और गाजा में हमास की सुरंगों के जाल में छिपकर संगठन की सैन्य क्षमता को फिर से मजबूत करने में लगे हुए थे। इजराइल का आरोप है कि संघर्षविराम के बावजूद साद हथियारों का उत्पादन और भंडारण जारी रखे हुए थे, जो समझौते की शर्तों का स्पष्ट उल्लंघन है। वे लंबे समय से गाजा सिटी के भूमिगत सुरंगों में सक्रिय थे और कई बार इजराइली हमलों से बाल-बाल बच चुके थे। उनकी भूमिका न केवल हथियार निर्माण तक सीमित थी, बल्कि वे हमास की नौसेना इकाई के गठन और उत्तरी गाजा में सैन्य गतिविधियों के पुनरुद्धार में भी शामिल थे।

दूसरी ओर, हमास ने इस दावे पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। संगठन ने शुरुआत में राएद साद की मौत की पुष्टि नहीं की और कहा कि इजराइली ड्रोन ने गाजा सिटी के नबुलसी चौराहे के पास एक सामान्य नागरिक वाहन को निशाना बनाया। हमास के प्रवक्ता ने इसे संघर्षविराम का खुला उल्लंघन करार दिया। हालांकि, बाद में हमास के गाजा प्रमुख खलील अल-हय्या ने एक वीडियो संदेश में साद की मौत की पुष्टि की और इसे इजराइल की आक्रामक नीति का हिस्सा बताया। गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, इस हमले में कम से कम पांच लोग मारे गए और 25 से अधिक घायल हुए। घायलों में महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं, जिससे स्थानीय स्तर पर आक्रोश बढ़ गया है।

यह घटना संघर्षविराम की नाजुकता को उजागर करती है। अक्टूबर 2025 में अमेरिकी मध्यस्थता से लागू हुए इस समझौते के बाद से इजराइल पर गाजा में 800 से ज्यादा हमलों का आरोप लगा है, जिनमें सैकड़ों फिलिस्तीनी नागरिक मारे गए हैं। दोनों पक्ष एक-दूसरे पर समझौते का उल्लंघन करने का आरोप लगा रहे हैं। इजराइल का कहना है कि हमास सैन्य गतिविधियां जारी रखे हुए है, जबकि हमास इसे इजराइल की विस्तारवादी नीति बताता है। इस हमले से क्षेत्रीय तनाव और बढ़ सकता है, क्योंकि राएद साद की मौत हमास के लिए बड़ा झटका मानी जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे हमास की सैन्य पुनर्निर्माण की क्षमता को गहरा आघात पहुंचेगा, लेकिन संगठन अपनी रणनीति बदलकर आगे बढ़ सकता है।

पश्चिम एशिया में शांति की उम्मीदें एक बार फिर धूमिल हो गई हैं। अंतरराष्ट्रीय समुदाय दोनों पक्षों से संयम बरतने की अपील कर रहा है, ताकि संघर्षविराम टूटने से बड़ा युद्ध न भड़के। आने वाले दिनों में इस घटना के परिणाम क्षेत्र की राजनीति को प्रभावित कर सकते हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *