By: Ravindra Sikarwar
ग्वालियर शहर में सर्दी की रातें एक बार फिर मौत का कारण बन गईं। हजीरा थाना क्षेत्र के इंद्रा नगर में शुक्रवार देर रात एक 90 वर्षीय बुजुर्ग महिला बेनी बाई की आग की लपटों में जलकर दर्दनाक मौत हो गई। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि कमरे में रखे हीटर से आग लगी, जिसने देखते-देखते पूरे कमरे को अपनी चपेट में ले लिया। बुजुर्ग महिला अकेली कमरे में थीं और लपटों से घिर जाने के कारण बचाव का कोई मौका नहीं मिला। उनका शव पूरी तरह जल चुका था, जो कंकाल की तरह दिखाई दे रहा था। इस घटना ने पूरे इलाके को सदमे में डाल दिया है।
बेनी बाई पत्नी श्याम सिंह इंद्रा नगर में अपने परिवार के साथ रहती थीं। उम्र के इस पड़ाव पर वह चलने-फिरने में असमर्थ थीं और ज्यादातर समय कमरे में ही आराम करती थीं। सर्दी से बचने के लिए परिवार ने उनके कमरे में हीटर लगा रखा था। शुक्रवार की रात करीब 11 बजे के आसपास बेटे ने कमरे से लपटें और धुआं उठता देखा। उसने तुरंत चिल्लाकर परिवार वालों को जगाया और दरवाजा तोड़ने की कोशिश की, लेकिन तब तक आग बहुत भयावह हो चुकी थी। पड़ोसियों की मदद से किसी तरह आग पर काबू पाया गया, लेकिन अंदर का नजारा देखकर सभी सन्न रह गए। बेनी बाई का शव बिस्तर पर ही जलकर कंकाल में तब्दील हो चुका था।
परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है। बेटे ने बताया कि मां को सर्दी बहुत लगती थी, इसलिए हीटर चलाकर रखा था। रात में सभी सो गए थे और अचानक धुआं महसूस होने पर ही पता चला। अगर थोड़ी देर पहले ध्यान जाता तो शायद उन्हें बचा लिया जाता। पड़ोसी भी इस हादसे से दुखी हैं। उनका कहना है कि बेनी बाई बहुत नेक दिल की महिला थीं, हमेशा मुस्कुराती रहती थीं। इलाके में अब हर कोई सर्दी के उपकरणों को लेकर सतर्क हो गया है।
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। हजीरा थाने के अधिकारियों के अनुसार, आग लगने का मुख्य कारण हीटर बताया जा रहा है। संभवतः हीटर से कोई चिंगारी कपड़ों या बिस्तर में लगी और देखते-देखते फैल गई। बुजुर्ग होने के कारण वह खुद को बचा नहीं पाईं। फिलहाल मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी गई है। फॉरेंसिक टीम ने भी मौका-मुआयना किया ताकि आग लगने की सटीक वजह पता चल सके। अगर कोई लापरवाही सामने आई तो संबंधितों पर कार्रवाई हो सकती है।
यह घटना सर्दियों में हीटर, ब्लोअर या अन्य गर्म करने वाले उपकरणों के खतरे को उजागर करती है। विशेष रूप से बुजुर्गों और बच्चों के कमरों में इनका इस्तेमाल करते समय अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए। विशेषज्ञों का कहना है कि हीटर को कभी भी बिस्तर या ज्वलनशील सामग्री के पास नहीं रखना चाहिए। साथ ही, रात में सोते समय इन्हें बंद कर देना सुरक्षित होता है। ग्वालियर में ठंड बढ़ने के साथ ऐसे हादसों की संख्या में इजाफा हो रहा है। पिछले कुछ सालों में कई परिवारों को इसी तरह का नुकसान झेलना पड़ा है।
स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि सर्दी के मौसम में जागरूकता अभियान चलाया जाए। स्कूलों, मोहल्लों और सोसाइटी में लोगों को सुरक्षित तरीके से हीटर इस्तेमाल करने की ट्रेनिंग दी जाए। साथ ही, गरीब परिवारों को सुरक्षित विकल्प जैसे इलेक्ट्रिक ब्लैंकेट उपलब्ध कराए जाएं। इंद्रा नगर जैसे घनी आबादी वाले इलाकों में फायर ब्रिगेड की गाड़ियां तेजी से पहुंच सकें, इसके लिए रास्तों को चौड़ा करने की जरूरत भी बताई जा रही है।
बेनी बाई की मौत ने एक बार फिर परिवारों को झकझोर दिया है। उनके परिजन सदमे में हैं और अंतिम संस्कार की तैयारी कर रहे हैं। समाज में बुजुर्गों की देखभाल कितनी महत्वपूर्ण है, यह घटना हमें सिखाती है। सर्दी राहत देने वाली होती है, लेकिन लापरवाही से मौत बन जाती है। उम्मीद है कि यह हादसा दूसरों के लिए सबक बनेगा और आगे ऐसे दुखद वाकये नहीं होंगे। पुलिस जांच पूरी होने के बाद मौत की सटीक वजह सामने आएगी, लेकिन परिवार का दर्द कभी कम नहीं होगा।
इस तरह की घटनाएं हमें सतर्क रहने का संदेश देती हैं। जीवन अमूल्य है, छोटी-छोटी सावधानियां बड़ा हादसा रोक सकती हैं। बेनी बाई को श्रद्धांजलि और उनके परिवार को संवेदना।
