By: Ravindra Sikarwar
राजधानी भोपाल के भेल दशहरा मैदान में आयोजित हो रहे भव्य भोजपाल महोत्सव मेले में शुक्रवार शाम खास रौनक देखने को मिली, जब मध्य प्रदेश के राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने मेले का भ्रमण किया। शाम करीब 7:30 बजे राज्यपाल के मेले में पहुंचते ही आयोजन स्थल उत्सवमय माहौल में डूब गया। मेला अध्यक्ष सुनील यादव, संयोजक विकास वीरानी, महामंत्री हरीश कुमार राम सहित पूरी मेला समिति ने ढोल-नगाड़ों और पारंपरिक अंदाज में उनका गर्मजोशी से स्वागत किया।
राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने मेला परिसर का विस्तार से अवलोकन किया। भ्रमण के दौरान उन्होंने देश के विभिन्न राज्यों से आए दुकानदारों से मुलाकात की और उनके द्वारा प्रदर्शित उत्पादों के बारे में जानकारी ली। हस्तशिल्प, हथकरघा, पारंपरिक वस्त्र, सजावटी सामग्री और घरेलू उपयोग के उत्पादों को देखकर उन्होंने सराहना की और दुकानदारों से उनके अनुभव भी साझा किए। राज्यपाल ने कहा कि ऐसे आयोजन न केवल स्थानीय कारीगरों और छोटे व्यापारियों को मंच देते हैं, बल्कि देश की सांस्कृतिक विविधता को भी एक सूत्र में पिरोते हैं।
मेले में आए आम नागरिकों से बातचीत करते हुए राज्यपाल ने आयोजन की व्यवस्थाओं, सुविधाओं और गतिविधियों के बारे में फीडबैक भी लिया। लोगों ने मेले की साफ-सफाई, सुरक्षा व्यवस्था और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की सराहना की। इसके साथ ही राज्यपाल ने केंद्र सरकार और राज्य सरकार द्वारा लगाई गई लोककल्याणकारी योजनाओं की प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया। इन स्टॉलों के माध्यम से विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी आमजन तक पहुंचाई जा रही है, जिसे उन्होंने जनहित में एक सकारात्मक प्रयास बताया।
मेला समिति की सराहना
राज्यपाल ने मेला मंच से आयोजन समिति को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि 50 दिनों तक चलने वाले इस विशाल आयोजन को सुचारु रूप से संचालित करना आसान कार्य नहीं है। दुकानदारों, कलाकारों और लाखों दर्शकों की सुविधाओं का ध्यान रखना सराहनीय है। उन्होंने मेला समिति के समर्पण और मेहनत की प्रशंसा करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन शहर की सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करते हैं और सामाजिक समरसता को बढ़ावा देते हैं।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां
भोजपाल महोत्सव का सांस्कृतिक मंच इन दिनों कला और संस्कृति के रंगों से सराबोर है। देश के अलग-अलग प्रदेशों से आए कलाकार यहां अपनी लोक नृत्य और संगीत प्रस्तुतियों से दर्शकों का मनोरंजन कर रहे हैं। मंच पर चल रहे कार्यक्रमों का आनंद राज्यपाल ने भी लिया और कलाकारों के प्रदर्शन की तारीफ की।
शनिवार की शाम भोजपाल महोत्सव में विशेष आकर्षण रहीं प्लेबैक सिंगर स्नेहा भट्टाचार्य, जिन्होंने अपनी शानदार प्रस्तुति से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। स्नेहा ‘सा रे गा मा पा 2023’ की फाइनलिस्ट रह चुकी हैं और बहुत कम उम्र में उन्होंने संगीत की दुनिया में अपनी पहचान बनानी शुरू कर दी थी। उन्होंने मात्र दो वर्ष की उम्र में हारमोनियम के जरिए सरगम सीखना शुरू किया और बाद में अपने पिता के साथ मिलकर लाइव शो में प्रस्तुति देने लगीं।
स्नेहा भट्टाचार्य की खासियत यह है कि वे गिटार और की-टार जैसे वाद्य यंत्रों के साथ अपनी गायकी को एक अलग अंदाज में प्रस्तुत करती हैं। भोजपाल महोत्सव के मंच पर भी उनकी यह शैली दर्शकों को खूब पसंद आई। उन्होंने हिंदी के साथ-साथ बंगाली गीतों की भी प्रस्तुति दी, जिन्हें श्रोताओं ने तालियों से सराहा।
संगीत से बनाई अलग पहचान
स्नेहा भट्टाचार्य अब तक कई एकल गीत और एल्बम जारी कर चुकी हैं। उनके लोकप्रिय गीतों में ‘अकेला रास्ता’, ‘एलो मां दुर्गा’, ‘ठाकुर जमाई’, ‘मुझे दुनिया से क्या मतलब’, ‘लिख के हाथी पे मेरा नाम’, ‘मेनका माथाये दिलो घोमटा’, ‘छोटो गल्यो’ और ‘लक्ष्य’ शामिल हैं। उनका एक वीडियो सोशल मीडिया पर भी काफी वायरल हुआ था, जिसमें वे ट्रेन में अपनी सीट पर बैठकर गाना गा रही थीं। इस वीडियो को लोगों ने खूब पसंद किया और उनकी सादगी व प्रतिभा की सराहना की।
भोजपाल महोत्सव में आने वाले दिनों में भी कई नामचीन कलाकार अपनी प्रस्तुतियों से मंच को सजाने वाले हैं। रविवार को प्लेबैक सिंगर मास्टर सलीम अपने गीतों और गजलों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध करेंगे। कुल मिलाकर भोजपाल महोत्सव न केवल खरीदारी का केंद्र बना हुआ है, बल्कि कला, संस्कृति और मनोरंजन का एक जीवंत संगम भी साबित हो रहा है।
