By: Ravindra Sikarwar
इंदौर के चर्चित राजा रघुवंशी हत्याकांड में गुरुवार को एक अहम मोड़ सामने आया, जब मामले से जुड़ी आरोपी सोनम रघुवंशी की दो सहेलियों को शिलॉन्ग कोर्ट में पेश किया गया। यह वही मामला है जिसने हनीमून के बहाने हुए हत्या के खुलासे के बाद शहर भर में सनसनी फैला दी थी। कारोबारी राजा रघुवंशी की रहस्यमयी मौत ने पुलिस और न्यायालय दोनों को चौंका दिया था, और अब एक बार फिर कोर्ट की इस नई कार्रवाई ने मामले को नए मोड़ पर ला दिया है।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेशी, कोर्ट में हुई पहचान सत्यापित
मामले की गंभीरता को देखते हुए अदालत ने दोनों सहेलियों को ई-सेवा के माध्यम से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग द्वारा पेश किया। पेशी के दौरान उनके अधिवक्ता भी मौजूद रहे। दोनों युवतियां, जो सोनम के भाई की फैक्ट्री में कंप्यूटर ऑपरेटर के रूप में काम करती हैं, पहली बार इस मामले में प्रत्यक्ष रूप से अदालत के समक्ष आईं।
सुनवाई शुरू होने से पहले कोर्ट ने औपचारिक प्रक्रिया के तहत आरोपी सोनम की पहचान की पुष्टि कराई। इसके बाद अदालत ने उसकी सहेली दीपांशी से घटनाक्रम और सोनम के व्यवहार के संबंध में सवाल किए। अदालत ने उससे पूछा कि सामान्य दिनों में सोनम का स्वभाव कैसा रहता था और क्या वह राजा रघुवंशी को व्यक्तिगत रूप से जानती थी। दीपांशी ने इन सवालों के जवाब अदालत को दिए। हालांकि, दूसरी सहेली का बयान समयाभाव के कारण दर्ज नहीं हो सका और उसे अगली तारीख के लिए सूचीबद्ध कर दिया गया।
कौन है आरोपी सोनम और क्यों बढ़ी उसकी भूमिका?
राजा रघुवंशी की हत्या में मुख्य आरोप उसकी पत्नी सोनम पर है। शुरुआती जांच में कई ऐसे पहलू सामने आए जो उसकी भूमिका को संदेह के घेरे में लेकर आए। पुलिस ने यह भी जांचा कि क्या हत्या की साजिश में अन्य लोग, जिनमें उसकी सहेलियां भी शामिल हो सकती हैं, किसी प्रकार सहयोगी रहे हों। इसी वजह से इन दोनों युवतियों की गवाही को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
हत्या का खौफनाक सच: हनीमून से गायब, 10 दिन बाद मिला था शव
पूरा मामला 23 मई को उस समय चर्चा में आया जब ट्रांसपोर्टर राजा रघुवंशी अपनी पत्नी सोनम के साथ हनीमून मनाने मेघालय के शिलॉन्ग गया था। वहीं से वह रहस्यमय तरीके से गायब हो गया। पुलिस ने खोजबीन शुरू की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। फिर 2 जून को राजा का शव 30 फीट गहरी खाई में बरामद हुआ। रिपोर्ट्स के अनुसार उसके शरीर पर कई गहरे घाव थे, जो यह दर्शाते थे कि उसकी मृत्यु सामान्य नहीं, बल्कि अत्यंत क्रूर तरीके से की गई थी।
इसके बाद जांच तेजी से आगे बढ़ी और मामला हत्या में बदल गया। फिर 8 जून को सोनम ने उत्तर प्रदेश में पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। तब से लगातार पूछताछ, कोर्ट की कार्यवाही और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच में नए-नए तथ्य सामने आ रहे हैं।
शिलॉन्ग कोर्ट की कार्रवाई क्यों हुई महत्वपूर्ण?
मामले से जुड़े कानूनी जानकारों का मानना है कि सोनम की सहेलियों की गवाही जांच की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। अदालत यह समझना चाहती है कि सोनम की निजी जिंदगी, रिश्तों और व्यवहार में ऐसा क्या था जिससे हत्या जैसी वारदात की पृष्ठभूमि बनी। यही वजह है कि कोर्ट ने उन लोगों को तलब किया जो उसके सबसे करीब थे।
इसके अतिरिक्त, दोनों सहेलियों का संबंध सोनम के परिवार की फैक्ट्री से होने के कारण यह जानना भी जरूरी है कि क्या किसी आर्थिक या व्यक्तिगत विवाद ने इस हत्या की साजिश को जन्म दिया।
अगली सुनवाई में दूसरी सहेली का बयान होगा दर्ज
गुरुवार की कार्यवाही में सिर्फ दीपांशी का बयान ही दर्ज हो पाया। दूसरी सहेली को अदालत में अगली सुनवाई पर बयान हेतु बुलाया गया है। उम्मीद की जा रही है कि नए बयानों से इस मामले की दिशा और स्पष्ट हो जाएगी।
राजा रघुवंशी हत्याकांड अब नए मोड़ पर है। अदालत में जारी इस कार्रवाई ने मामले को और जटिल, मगर महत्वपूर्ण दिशा प्रदान की है। जांच एजेंसियां सभी पहलुओं को बारीकी से खंगाल रही हैं। अगली तारीख पर होने वाली गवाही से यह साफ हो सकेगा कि इस सनसनीखेज हत्या के पीछे असल कहानी क्या है और कौन-कौन इसमें शामिल हो सकता है।
