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By: Ravindra Sikarwar

भोपाल का प्रतिष्ठित बड़ा तालाब इन दिनों नई सैर-सपाटे की पहचान बन गया है। कश्मीर की प्रसिद्ध डल झील की तर्ज पर शुरू किए गए शिकारा पर्यटन ने राजधानी और आसपास के क्षेत्रों के लोगों का ध्यान तेजी से आकर्षित किया है। पर्यटन विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, शुरूआत के सिर्फ एक सप्ताह में 5500 से अधिक पर्यटक शिकारा और अन्य बोटिंग सुविधाओं का आनंद ले चुके हैं, जिससे बड़ा तालाब एक बार फिर शहर के प्रमुख आकर्षणों में मजबूती से उभर रहा है।

4 दिसंबर को हुई थी शिकारा सेवा की शुरुआत
शिकारा पर्यटन को 4 दिसंबर 2025 को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हरी झंडी दिखाकर शुरू किया था। शुरूआती चरण में 20 शिकारा बोटें तालाब में उतारी गईं, जिन्हें खासतौर पर पर्यावरण अनुकूल डिजाइन और शांत जल अनुभूति प्रदान करने के उद्देश्य से तैयार किया गया है।

शिकारा की शुरुआत के साथ ही बड़ा तालाब का दृश्य पूरी तरह बदला-बदला सा लगता है। हल्की लहरों पर तैरते रंगीन शिकारे, शांत माहौल और खूबसूरत प्राकृतिक पृष्ठभूमि पर्यटकों को एक अलग अनुभव दे रहे हैं। यह नया आकर्षण न केवल राजधानी के लोगों को खींच रहा है बल्कि आसपास के जिलों और अन्य राज्यों से भी पर्यटक यहाँ पहुँच रहे हैं।

पर्यटकों की प्रतिक्रियाएँ: सुरक्षित, शांत और कश्मीरी एहसास
पर्यटकों की प्रतिक्रियाओं से यह साफ जाहिर है कि लोग इस नए अनुभव को लेकर बेहद उत्साहित हैं।

रायपुर से आई सीमा मौर्य ने बताया कि शिकारा सेवा के बारे में उन्होंने सोशल मीडिया पर पढ़ा था, इसलिए खासतौर पर इसे आज़माने भोपाल आईं। वह आमतौर पर बोटिंग से डरती हैं, लेकिन उनका कहना है कि शिकारे में उन्हें किसी प्रकार का भय महसूस नहीं हुआ और अनुभव बिल्कुल ‘सुकून देने वाला’ रहा।

सीहोर के राकेश अग्रवाल ने शिकारे को कश्मीर जैसा अनुभव बताते हुए कहा कि सेवा अच्छी है, लेकिन टिकट दरें थोड़ी कम होनी चाहिए। उनका सुझाव था कि 20 मिनट की सवारी की कीमत 100 रुपये की बजाय 50 रुपये होनी चाहिए, ताकि अधिक लोग इसे नियमित रूप से ले सकें।

बोट क्लब की वर्तमान दरें
बोट क्लब ने विभिन्न बोटिंग विकल्पों के लिए निर्धारित शुल्क इस प्रकार रखे हैं:

  • शिकारा बोट (20 मिनट, 6 व्यक्ति) – 450 रुपये
  • शिकारा बोट (20 मिनट, 4 व्यक्ति) – 300 रुपये
  • पैडल बोट (30 मिनट, 4 व्यक्ति) – 200 रुपये
  • वॉटर साइकिल (20 मिनट, 1 व्यक्ति) – 100 रुपये

पर्यटकों का मानना है कि शिकारे की लोकप्रियता के साथ यदि दरों में थोड़ी कमी होती है तो स्थानीय लोग भी इसे नियमित रूप से आनंद ले सकेंगे।

पर्यावरण के लिए भी फायदेमंद पहल
बड़ा तालाब में कई महीनों से मोटर बोट और क्रूज सेवाएँ बंद हैं, ऐसे में शिकारे पर्यावरण अनुकूल विकल्प के रूप में उभरे हैं। बिना शोर और बिना प्रदूषण के चलने वाले ये शिकारे तालाब की पारिस्थितिकी को नुकसान पहुँचाए बिना पर्यटन को बढ़ावा दे रहे हैं।

स्थानीय पर्यावरण प्रेमियों और विशेषज्ञों का कहना है कि यह पहल न केवल तालाब की प्राकृतिक शांति बनाए रखने में मददगार है, बल्कि इससे पारंपरिक बोटिंग के आधुनिक विकल्प विकसित होने का रास्ता भी खुलता है। शांत झील, स्वच्छ वातावरण और सौंदर्यपूर्ण दृश्य मिलकर आगंतुकों को एक ऐसा अनुभव दे रहे हैं जो उन्हें बार-बार लौटने को प्रेरित करता है।

पर्यटन उद्योग में नई ऊर्जा
शिकारा सेवा की शुरुआत के साथ ही बड़ा तालाब में पर्यटन गतिविधियाँ तेजी से बढ़ी हैं। सप्ताहांत में बोट क्लब और तालाब किनारे स्थित कैफे में लोगों की भीड़ बढ़ने लगी है। पर्यटन विभाग का मानना है कि यह मॉडल आने वाले समय में भोपाल को वाटर टूरिज्म का बड़ा केंद्र बना सकता है।

यदि यह रफ्तार जारी रहती है तो आने वाले महीनों में बड़ा तालाब राजधानी का सबसे आकर्षक पर्यटन स्थल बन सकता है और इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूत बढ़ावा मिलेगा।

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