Spread the love

By: Ravindra Sikarwar

पन्ना: मध्यप्रदेश में वन पर्यटन को और बेहतर बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार सुबह पन्ना नेशनल पार्क के मडला गेट से 10 नई वीविंग कैंटर बसों को हरी झंडी दिखाकर संचालन के लिए रवाना किया। इन बसों के शुरू होने से पर्यटकों को अब अधिक आरामदायक, सुरक्षित और सुविधाजनक तरीके से जंगल सफारी का आनंद मिल सकेगा।

मध्यप्रदेश पर्यटन विकास निगम और वन विभाग मिलकर प्रदेश में इको-टूरिज्म के विस्तार को गति दे रहे हैं। इसी क्रम में यह आधुनिक सफारी व्यवस्था लागू की गई है।

19 यात्रियों की क्षमता वाली आधुनिक बसें
नई कैंटर बसों को विशेष रूप से सफारी के उद्देश्य से डिजाइन किया गया है। प्रत्येक बस में एक साथ 19 पर्यटक बैठ सकते हैं, जिससे बड़े समूहों और परिवारों के लिए सफारी यात्रा पहले की तुलना में और आसान होगी।

इन बसों की ऊंचाई और लंबाई अन्य सफारी वाहनों से अधिक होने के कारण पर्यटकों को जंगल, पशु-पक्षियों और प्राकृतिक दृश्यों का बेहतर और व्यापक अनुभव मिल सकेगा। विशेष रूप से बच्चों और वरिष्ठ नागरिकों के लिए यह बसें अधिक सुरक्षित और आरामदायक साबित होंगी।

सुविधाओं के साथ रोमांच का अनुभव
इन कैंटर बसों के संचालन से अब पर्यटक न केवल बाघ, तेंदुआ, चिंकारा, भालू और अन्य वन्यजीवों को आसानी से देख सकेंगे, बल्कि सफारी का अनुभव अधिक सुगमता और सुरक्षा के साथ ले पाएंगे।

प्राकृतिक धरोहर, घने जंगलों के दृश्य, पक्षियों की आवाज़ें और वन्यजीवों का प्राकृतिक जीवन—इन सबका समन्वित अनुभव इस सफारी को और यादगार बनाएगा।

ऑनलाइन बुकिंग के अभाव में भी सफारी का अवसर
अब तक बड़ी संख्या में पर्यटकों को ऑनलाइन स्लॉट न मिलने के कारण सफारी कराने में परेशानी होती थी। नई व्यवस्था में उन पर्यटकों को बड़ी राहत मिलेगी जो अचानक सफर के दौरान पार्क पहुंचते हैं।

अब नेशनल पार्क गेट पर ही सफारी बुक करने की सुविधा उपलब्ध होगी, जिससे ऑनलाइन समय स्लॉट पर निर्भरता काफी कम हो जाएगी। यह परिवर्तन खासकर त्योहारी मौसम और पीक सीजन में बेहद कारगर साबित होगा।

शुल्क और संचालन क्षेत्रों में विस्तार
नई कैंटर बसों से सफारी का शुल्क प्रति व्यक्ति लगभग 1150 रुपये से 1450 रुपये तक निर्धारित किया गया है। शुल्क पार्क, समय और टूर पैकेज के आधार पर तय होगा।

ये बसें केवल पन्ना ही नहीं, बल्कि प्रदेश के अन्य प्रमुख वन क्षेत्र जैसे—

  • बांधवगढ़
  • कान्हा
  • पेंच
  • परसिली (सीधी)
  • और आगामी समय में अन्य राष्ट्रीय उद्यानों

में भी चरणबद्ध तरीके से संचालित की जाएंगी।

पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा
सरकार का मानना है कि इस नई सफारी व्यवस्था से न केवल पर्यटन को नया आयाम मिलेगा बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार और आर्थिक गतिविधियों में भी वृद्धि होगी। होटल, रिसॉर्ट, गाइड सेवा, वाहन चालक और स्थानीय व्यापारियों को भी इसका सीधा लाभ मिलेगा।

पन्ना नेशनल पार्क में कैंटर बसों की यह शुरुआत प्रदेश में संरक्षित प्राकृतिक संपदा को देखने और संरक्षण जागरूकता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। यह कदम पर्यटन सुविधाओं को आधुनिक बनाने और जंगल सफारी को अधिक सुलभ अनुभव बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।

आने वाले समय में यह सुविधा मध्यप्रदेश को पर्यावरण पर्यटन की श्रेणी में और मजबूत पहचान दिलाएगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

× Whatsapp