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By: Ravindra Sikarwar

सबलगढ़: मध्य प्रदेश के मुरैना जिले के सबलगढ़ कस्बे में शुक्रवार देर रात उस वक्त हड़कंप मच गया जब बेनीपुरा ईदगाह के नीचे श्मशान घाट के पास घनी झाड़ियों में एक युवक का आधा जला हुआ शव मिला। मृतक की शिनाख्त 20 वर्षीय अंकेश माहौर पुत्र रामवीर माहौर, निवासी सबलगढ़ के रूप में हुई। शव की हालत देखकर परिजनों ने सीधा आरोप लगाया कि अंकेश की हत्या करने के बाद शव को जलाने की कोशिश की गई ताकि सबूत मिट जाएं।

गुस्साए परिजनों और ग्रामीणों ने शव को सड़क पर रखकर ग्वालियर-शिवपुरी नेशनल हाईवे पर घंटों चक्का जाम कर दिया। उनका कहना था कि जब तक पुलिस हत्या का मुकदमा दर्ज नहीं करती और दोषियों को गिरफ्तार करने का आश्वासन नहीं देती, शव नहीं उठने दिया जाएगा। जाम की वजह से दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात ठप हो गया।

अंकेश गुरुवार रात करीब नौ बजे घर से अपने दोस्तों के साथ घूमने की बात कहकर निकला था। रात भर घर नहीं लौटने पर परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। शुक्रवार सुबह करीब सात बजे कुछ चरवाहों ने श्मशान घाट के पास झाड़ियों में धुआं उठता देखा तो पास जाकर देखा तो वहां एक युवक का जला हुआ शव पड़ा था। सूचना मिलते ही पुलिस और परिजन मौके पर पहुंचे।

पिता रामवीर माहौर ने रोते-रोते बताया, “मेरा बेटा बहुत सीधा-सादा था। उसकी किसी से कोई दुश्मनी नहीं थी। शव पर गहरे चोट के निशान हैं, गला दबाया गया लगता है और फिर पेट्रोल डालकर आग लगाई गई। यह आत्महत्या नहीं, सोची-समजी हत्या है।” मृतक के चचेरे भाई ने दावा किया कि अंकेश के साथ आखिरी बार कुछ संदिग्ध युवक देखे गए थे, जिनसे पहले भी उसका किसी बात को लेकर विवाद हुआ था।

फॉरेंसिक टीम (F.S.L.) और डॉग स्क्वॉड को मौके पर बुलाया गया। शव का पोस्टमार्टम करवाया जा रहा है। प्रारंभिक जांच में पुलिस को शव के पास से एक टूटी हुई शराब की बोतल और जलावन के लिए इस्तेमाल की गई लकड़ियां मिली हैं। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारण का पता चल सकेगा।

चक्का जाम के दौरान सबलगढ़ SDOP और तहसीलदार मौके पर पहुंचे और परिजनों को समझाइश दी। काफी देर की मशक्कत के बाद परिजनों ने पुलिस को हत्या का मुकदमा दर्ज करने और 24 घंटे के अंदर आरोपियों की तलाश शुरू करने का लिखित आश्वासन लिया, जिसके बाद जाम खोला गया। पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ भादवि की धारा 302 (हत्या) और 201 (सबूत मिटाने) के तहत मामला दर्ज कर लिया है।

स्थानीय लोगों में भय का माहौल है। पिछले छह महीने में सबलगढ़ क्षेत्र में यह तीसरी ऐसी घटना है जिसमें युवक का शव संदिग्ध हालत में मिला है। ग्रामीणों ने मांग की है कि इलाके में गश्त बढ़ाई जाए और रात के समय श्मशान घाट जैसे सुनसान स्थानों पर विशेष निगरानी रखी जाए।

अंकेश अपने घर में इकलौता बेटा था। उसकी दो छोटी बहनें हैं। पिता खेती-बाड़ी करके जैसे-तैसे घर चलाते थे। परिजन अभी सदमे में हैं और बार-बार यही कह रहे हैं कि “हमारे बच्चे को न्याय चाहिए। हत्यारे चाहे कोई भी हों, उन्हें फांसी होनी चाहिए।”

पुलिस ने आसपास के CCTV फुटेज खंगालने शुरू कर दिए हैं और अंकेश के मोबाइल का CDR भी निकाला जा रहा है। उम्मीद है कि जल्दी ही इस अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझ जाएगी।

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