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By: Ravindra Sikarwar

नई दिल्ली: आधुनिक शहरों में रहना आसान बनाने वाली सबसे बड़ी सुविधाओं में से एक है सार्वजनिक परिवहन। ट्रैफिक जाम, प्रदूषण और ईंधन की बढ़ती कीमतों के दौर में, जो शहर अपनी बस, मेट्रो, ट्राम और फेरियों जैसी सेवाओं को मजबूत बनाते हैं, वे न केवल निवासियों की जिंदगी आसान बनाते हैं बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी अग्रणी भूमिका निभाते हैं। 2024-2025 की ताजा रिपोर्ट्स के अनुसार, दुनिया के 70 प्रमुख शहरों की रैंकिंग में सिंगापुर ने पहली बार शीर्ष स्थान हासिल किया है, जबकि अमेरिकी शहर न्यूयॉर्क अपनी व्यापक मेट्रो नेटवर्क के दम पर वैश्विक स्तर पर 11वें स्थान पर काबिज है। ओलिवर वायमन फोरम और कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय, बर्कले की संयुक्त स्टडी ‘अर्बन मोबिलिटी रीडनेस इंडेक्स’ ने इन रैंकिंग्स को तैयार किया है, जिसमें इंफ्रास्ट्रक्चर की गुणवत्ता, सामाजिक प्रभाव, संचालन दक्षता और नई तकनीकों जैसे AI व ऑटोनॉमस व्हीकल्स के अपनाने पर जोर दिया गया है।

सिंगापुर की सफलता का राज क्या है? एशिया का यह चमचमाता शहर अपनी लैंड ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी (LTA) के तहत संचालित MRT (मास रैपिड ट्रांजिट), LRT (लाइट रेल ट्रांजिट) और व्यापक बस नेटवर्क पर निर्भर करता है। यहां 24 घंटे चलने वाली सेवाएं, GPS-ट्रैकिंग वाले वाहन और संपर्करहित पेमेंट सिस्टम जैसे EZ-Link कार्ड आम बात हैं। 2024 में सिंगापुर ने इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) और हाई-टेक इनोवेशन्स को अपनाने में बढ़त ली, जिससे प्राइवेट कारों पर निर्भरता घटकर मात्र 20% रह गई। शहर के 80% से ज्यादा निवासी सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करते हैं, जो वैश्विक औसत से कहीं ज्यादा है। इसके अलावा, सिंगापुर सरकार ने 2030 तक कार्बन न्यूट्रल बनने का लक्ष्य रखा है, जिसमें हाइड्रोजन बसों और स्मार्ट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम शामिल हैं। पर्यटकों के लिए भी यह आदर्श है – साफ-सुथरी स्टेशनों और बहुभाषी ऐप्स से नेविगेशन आसान हो जाता है।

दूसरे नंबर पर जापान का टोक्यो आता है, जो अपनी विश्वसनीयता के लिए मशहूर है। टोक्यो मेट्रो और JR ईस्ट रेलवे के 13 लाइनों से शहर के हर कोने को जोड़ा गया है, जहां औसत देरी मात्र 20 सेकंड होती है। 2024 में टोक्यो ने 12-भाषा वाले कम्युनिकेशन सिस्टम को पायलट किया, ताकि विदेशी पर्यटक आसानी से घूम सकें। यहां सालाना 40 अरब से ज्यादा यात्राएं दर्ज की जाती हैं, जो वैश्विक रिकॉर्ड है। टोक्यो की खासियत है इसकी एकीकृत सिस्टम – ट्रेन, बस और यहां तक कि साइकिल शेयरिंग एक ही ऐप से बुक हो जाती है। पर्यावरण के लिहाज से, शहर 50% से ज्यादा इलेक्ट्रिक ट्रेनों पर चलता है, जिससे प्रदूषण में भारी कमी आई है। हालांकि, घनी आबादी के कारण पीक आवर्स में भीड़भाड़ एक चुनौती बनी हुई है, लेकिन डिजिटल टिकटिंग और वर्चुअल क्यूइंग से इसे कम करने के प्रयास जारी हैं।

यूरोप से ओस्लो (नॉर्वे) तीसरे स्थान पर है, जो अपनी सस्टेनेबिलिटी के लिए जाना जाता है। नॉर्वेजियन राजधानी की सार्वजनिक परिवहन प्रणाली Ruter AS के अधीन है, जिसमें मेट्रो, ट्राम, बस और फेरियां शामिल हैं। यहां यात्रा का खर्च दैनिक भोजन व्यय का मात्र 28% है, जबकि पार्किंग का खर्च दोगुना। 2024 में ओस्लो ने इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री में आंतरिक दहन इंजन वाली कारों को पीछे छोड़ दिया, और 2030 तक उत्सर्जन-मुक्त शहर बनने का सपना देख रहा है। शहर के 70% निवासी ट्रांजिट का उपयोग करते हैं, जो स्वास्थ्य और पर्यावरण दोनों के लिए फायदेमंद है। ओस्लो की बसें और ट्रामें पूरी तरह से इलेक्ट्रिक हैं, और ऐप-बेस्ड रूट प्लानिंग से यात्रा समय 20% कम हो गया है।

अब बात अमेरिकी शहरों की। न्यूयॉर्क सिटी 2025 में भी अमेरिका का नंबर वन शहर बना हुआ है, जहां मेट्रोपॉलिटन ट्रांसपोर्टेशन अथॉरिटी (MTA) के तहत 472 स्टेशनों वाली सबवे सिस्टम चलती है। 2024 में औसतन 9.8 मिलियन दैनिक यात्राएं दर्ज की गईं, जो महामारी पूर्व स्तर से 80% ऊपर है। न्यूयॉर्क की खासियत है इसकी पहुंच – 88% क्षेत्र कवरेज और 24/7 सेवाएं। हालांकि, रखरखाव की चुनौतियां हैं, लेकिन 2025 के बजट में 50 अरब डॉलर का निवेश नई ट्रेनों और सिग्नलिंग सिस्टम के लिए किया गया है।

दूसरा स्थान बोस्टन का है, जहां MBTA (मैसाचुसेट्स बे ट्रांसपोर्टेशन अथॉरिटी) रेड, ऑरेंज, ब्लू लाइनों के साथ ग्रीन लाइन लाइट रेल चलाती है। यहां सालाना प्रति निवासी 36.7 यात्राएं होती हैं, जो अन्य बड़े शहरों से ज्यादा है। बोस्टन की प्रणाली विकलांगों के लिए ADA-अनुरूप है, हालांकि कुछ स्टेशनों में सुधार की जरूरत है। 2024 में राइडरशिप 15% बढ़ी, धन्यवाद हाई-फ्रीक्वेंसी बस रूट्स को।

वाशिंगटन डीसी तीसरे स्थान पर है, जहां WMATA (वाशिंगटन मेट्रोपॉलिटन एरिया ट्रांजिट अथॉरिटी) की मेट्रो और बसें पूरे राजधानी क्षेत्र को जोड़ती हैं। सिल्वर लाइन एक्सपैंशन से कनेक्टिविटी बेहतर हुई, और 2024 में 3 मिलियन दैनिक यात्री देखे गए। डीसी की प्रणाली सुरक्षित और किफायती है, जहां मासिक पास मात्र 100 डॉलर में आता है।

अन्य उल्लेखनीय शहरों में सैन फ्रांसिस्को है, जो BART (बे एरिया रैपिड ट्रांजिट) और केबल कारों के लिए प्रसिद्ध है। यहां पर्यावरण-अनुकूल अपग्रेड्स जैसे इलेक्ट्रिक फेरियां 2025 में जोड़ी गईं। सिएटल की लाइट रेल और फेरियां द्वीपों को जोड़ती हैं, जबकि फिलाडेल्फिया की SEPTA सिस्टम पूर्वी तट की जीवनरेखा है।

इन शहरों से भारत भी प्रेरणा ले सकता है। दिल्ली मेट्रो ने 400 किमी नेटवर्क के साथ सफलता दिखाई, लेकिन बस सेवाओं को मजबूत करने की जरूरत है। मुंबई की लोकल ट्रेनें दुनिया की सबसे व्यस्त हैं, लेकिन सुरक्षा और विस्तार पर फोकस जरूरी। बैंगलोर और चेन्नई में मेट्रो विस्तार जारी है, जो इन शहरों को वैश्विक सूची में ऊपर ला सकता है।

कुल मिलाकर, ये शहर साबित करते हैं कि मजबूत सार्वजनिक परिवहन न केवल सुविधा देता है बल्कि शहरों को हरा-भरा और समावेशी बनाता है। भविष्य में AI और EV का बढ़ता उपयोग इन प्रणालियों को और क्रांतिकारी बना देगा। अगर आप शहर बदलने की सोच रहे हैं, तो इन जगहों पर नजर डालें – यात्रा कभी इतनी आसान नहीं रही!

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