Spread the love

By: Ravindra Sikarwar

इंदौर: मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में स्थित श्री खजराना गणेश मंदिर लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का सबसे बड़ा केंद्र है। हर साल 31 दिसंबर की रात और 1 जनवरी की सुबह यहां भक्तों का तांता लग जाता है। नए साल के पहले दिन बप्पा के दर्शन और आशीर्वाद लेने के लिए दूर-दूर से लोग पहुंचते हैं। इसी तरह संक्रांति से जुड़ी तिल चतुर्थी का पर्व भी यहां धूमधाम से मनाया जाता है। इस बार दोनों महत्वपूर्ण अवसर एक साथ आने वाले हैं, इसलिए मंदिर प्रशासन और जिला प्रशासन ने मिलकर भक्तों की सुविधा और सुरक्षा के लिए व्यापक तैयारी शुरू कर दी है।

1 जनवरी को सुबह 4 बजे से दर्शन शुरू
मंदिर समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि 31 दिसंबर की रात 12 बजे के बाद से ही श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ने लगती है। इसलिए इस बार 1 जनवरी 2026 को सुबह 4 बजे से ही मंदिर के मुख्य कपाट दर्शनार्थियों के लिए खोल दिए जाएंगे। रात भर विशेष पूजा-अर्चना और भजन-कीर्तन का आयोजन होगा। सुबह सबसे पहले महाआरती होगी, उसके बाद आम श्रद्धालुओं को दर्शन की अनुमति मिलेगी। लाइन में लगे भक्तों को जल्द से जल्द दर्शन हो सकें, इसके लिए अलग-अलग कतारें बनाई जाएंगी। महिलाओं, बुजुर्गों और दिव्यांगजनों के लिए विशेष काउंटर और प्राथमिकता वाली लाइन की व्यवस्था भी रहेगी।

तिल चतुर्थी पर सवा लाख लड्डू का भोग
आने वाली तिल चतुर्थी (संक्रांति के चौथे दिन) पर खजराना गणेश जी को तिल-गुड़ के सवा लाख लड्डुओं का भोग लगाया जाएगा। यह परंपरा कई दशकों से चली आ रही है और हर साल भक्तों की संख्या बढ़ती जा रही है। मंदिर समिति के सचिव ने बताया कि इस बार भी करीब डेढ़ लाख से अधिक लड्डू तैयार करवाए जा रहे हैं। इन लड्डूओं को भक्तों में प्रसाद के रूप में वितरित किया जाएगा। इसके अलावा सात दिन तक चलने वाले तिल चतुर्थी मेले में झूले, खान-पान की स्टॉल और धार्मिक स्टॉल लगाई जाएंगी। मेले में शाम को भजन संध्या और प्रवचन का आयोजन भी होगा।

भीड़ प्रबंधन से लेकर सुरक्षा तक पूरा प्लान तैयार
जिला कलेक्टर शिवम वर्मा ने मंदिर और आसपास के क्षेत्र का दौरा कर सभी व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को साफ निर्देश दिए हैं कि नए साल और तिल चतुर्थी के दौरान एक भी श्रद्धालु को परेशानी न हो। इसके तहत निम्नलिखित इंतजाम किए जा रहे हैं:

  • मंदिर परिसर और बाहर अलग-अलग जगहों पर बड़ी एलईडी स्क्रीन लगाई जाएंगी, जिससे लाइन में खड़े भक्त भी बप्पा के दर्शन कर सकें।
  • पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था, मोबाइल टॉयलेट और मेडिकल कैंप।
  • पार्किंग की विशेष व्यवस्था, दूर से आने वाले वाहनों के लिए अस्थाई पार्किंग।
  • सीसीटीवी कैमरे और पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती।
  • स्वयंसेवकों की बड़ी टीम जो भक्तों को दिशा-निर्देश देगी।

विशेष सजावट और ऑनलाइन दर्शन की सुविधा
नए साल के स्वागत में पूरा मंदिर परिसर रंग-बिरंगी लाइटों और फूलों से सजाया जाएगा। भगवान गणेश का विशेष श्रृंगार होगा, जिसमें हीरे-जवेरात और फूलों की मालाएं शामिल होंगी। मंदिर की वेबसाइट और मोबाइल ऐप के माध्यम से ऑनलाइन दर्शन, ऑनलाइन प्रसाद बुकिंग और दान की सुविधा भी बढ़ा दी गई है। जो भक्त दूर हैं, वे घर बैठे लाइव दर्शन कर सकेंगे।

खजराना गणेश मंदिर की यह खासियत रही है कि यहां हर त्योहार पर भक्तों की सुविधा का पूरा खयाल रखा जाता है। इस बार भी प्रशासन और मंदिर समिति मिलकर यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि नए साल का पहला दिन और तिल चतुर्थी का पर्व हर भक्त के लिए यादगार और सुगम रहे।

जय गणेश, जय खजराना गणेश!

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

× Whatsapp