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By: Ravindra Sikarwar

मध्य प्रदेश के भिंड जिले में एक ऐसी वारदात ने पूरे इलाके को हिला कर रख दिया है, जिसमें सत्ता के नशे में चूर लोग मामूली बात पर इंसानी जान लेने से भी नहीं चूके। सिर्फ इतना कहने पर कि “सड़क किनारे पेशाब करना ठीक नहीं है”, एक 24 साल के नौजवान गौरव गुर्जर को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा। आरोपी कोई और नहीं, प्रदेश के कैबिनेट मंत्री राकेश शुक्ला के समधी जेपी कांकर और उनके दो साथी बताए जा रहे हैं, जिन्होंने कथित तौर पर लाइसेंसी पिस्तौल से गोली मारकर गौरव की हत्या कर दी।

घटना 30 नवंबर 2025 की रात करीब 11 बजे की है। जगह है गोहद चौराहा थाना क्षेत्र अंतर्गत दिलीप सिंह का पुरा डांग गांव, जो ग्वालियर-भिंड हाईवे से सटा हुआ है। प्रत्यक्षदर्शियों और परिजनों के अनुसार, एक सफेद रंग की लग्जरी कार हाईवे किनारे रुकी। कार में सवार तीन लोग बाहर निकले और सड़क किनारे ही पेशाब करने लगे। उसी समय एक शादी समारोह से अपने भाई के साथ बाइक पर लौट रहा गौरव गुर्जर रुक गया और बड़े ही शालीन तरीके से उन्हें टोका, “भैया, यहां सड़क है, गांव वाले आते-जाते हैं, थोड़ा आगे चलकर कर लीजिए।”

बस यही बात आरोपियों को चुभ गई। शुरू हुआ गाली-गलौज। फिर धमकियां। परिजनों का दावा है कि जेपी कांकर बार-बार मंत्री राकेश शुक्ला का नाम लेकर धौंस जमाते रहे। वे चिल्ला रहे थे, “पता नहीं किसको टोक रहे हो, हम मंत्री जी के समधी हैं, कुछ नहीं बिगाड़ सकते तुम लोग।” बात यहीं नहीं रुकी। गुस्से में आगबबूला जेपी कांकर ने कार से पिस्तौल निकाली और गौरव के पेट पर तड़ाक से गोली दाग दी। गोली की आवाज सुनकर आसपास के लोग दौड़े, लेकिन तब तक गौरव जमीन पर लहूलुहान तड़प रहा था। उसे तुरंत गोहद के सरकारी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया।

गौरव के बड़े भाई ने मीडिया से बातचीत में आंसू भरी आंखों से बताया, “हमने सिर्फ इतना कहा था कि यहां पेशाब मत करो, बच्चे-बूढ़े गुजरते हैं। बदले में हमें गोली मिली। मंत्री का नाम लेकर वे हमारी हैसियत बताने लगे। मेरे भाई ने हाथ जोड़ लिए थे, फिर भी नहीं माने। एक गोली मारकर कार में बैठे और भाग निकले।”

वारदात की खबर जैसे ही गांव और आसपास के इलाके में फैली, लोग आक्रोशित हो उठे। रात भर गांव में तनाव का माहौल रहा। ग्रामीण हाईवे पर जमा हो गए और आरोपियों की तुरंत गिरफ्तारी की मांग करने लगे। मृतक के घर कोहराम मचा हुआ है। गौरव की मां बार-बार बेहोश हो जा रही हैं। उसकी नवविवाहित पत्नी और ढाई साल का मासूम बच्चा अनाथ हो गए।

सूचना मिलते ही गोहद चौराहा पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल से खोखा, कुछ जूतों के निशान और अन्य सबूत बरामद किए हैं। जेपी कांकर समेत तीन लोगों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 302 (हत्या), 34 (सामान्य आशय) और आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस का कहना है कि हथियार की लाइसेंस डिटेल खंगाली जा रही है और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। थाना प्रभारी मनीष धाकड़ ने कहा, “राजनीतिक दबाव बर्दाश्त नहीं होगा। जो भी दोषी होगा, उसे सलाखों के पीछे पहुंचाएंगे।”

लेकिन सवाल यह है कि क्या वाकई निष्पक्ष जांच हो पाएगी? मंत्री के रिश्तेदार होने के कारण पहले से ही लोग पुलिस की मंशा पर शक जता रहे हैं। इलाके में चर्चा है कि जेपी कांकर पहले भी कई विवादों में रहे हैं और रसूख के बल पर बचते आए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि अगर इस बार सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो लोगों का कानून और प्रशासन से भरोसा पूरी तरह उठ जाएगा।

यह मामला सिर्फ एक हत्या का नहीं, सत्ता के नशे में डूबी दबंगई का जीता-जागता सबूत है। एक आम नौजवान ने सिर्फ सभ्यता की बात की और उसे अपनी जान गंवानी पड़ी। अब देखना यह है कि सरकार और पुलिस इस मामले में कितनी गंभीरता दिखाते हैं या फिर एक बार फिर रसूख के आगे न्याय घुटने टेक देगा।

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