West Bengal, May 28 (ANI): A view of sea waves at Tajpur beach aftermath of cyclone Yaas in East Midnapore on Friday. (ANI Photo)
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By: Ravindra Sikarwar

बंगाल की खाड़ी में उठा चक्रवाती तूफान ‘दितवाह’ (Ditwah) तमिलनाडु, पुडुचेरी और श्रीलंका के तटीय इलाकों में भारी तबाही मचा रहा है। सोमवार सुबह तक तमिलनाडु में अलग-अलग हादसों में तीन लोगों की जान जा चुकी है, सैकड़ों कच्चे मकान ढह गए हैं, हजारों पेड़ उखड़ गए हैं और करीब 57,000 हेक्टेयर खेत पानी में डूब गए हैं। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि तूफान अभी और तीव्र हो सकता है और सोमवार देर रात या मंगलवार तड़के तमिलनाडु-पुडुचेरी तट से टकरा सकता है।

तमिलनाडु में तीन लोगों की दर्दनाक मौत
तूतीकोरिन जिले में तेज हवाओं के साथ बारिश के दौरान एक कच्ची दीवार गिरने से दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। तंजावुर में भी ऐसा ही हादसा हुआ जहां एक व्यक्ति दीवार के मलबे में दब गया। मयिलादुतुराई जिले में 20 वर्षीय युवक बिजली के तार की चपेट में आ गया और करंट लगने से उसकी जान चली गई। राज्य आपदा प्रबंधन मंत्री के. रामचंद्रन ने बताया कि अब तक 234 कच्ची झोपड़ियां और मकान पूरी तरह या आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। 149 मवेशी और बकरियां भी पानी व मलबे में बह गए या दबकर मर गए। सबसे ज्यादा नुकसान कृषि क्षेत्र को हुआ है – लगभग 57,000 हेक्टेयर धान, केला, गन्ना और सब्जियों की फसल पानी में डूबकर बर्बाद हो गई है।

तीन राज्यों में अलर्ट, बड़े पैमाने पर बचाव कार्य
तमिलनाडु सरकार ने 14 एनडीआरएफ टीमें पहले से तैनात कर रखी थीं। रविवार को पुणे और वडोदरा से अतिरिक्त 10 टीमें चेन्नई पहुंचाई गईं। नागपट्टिनम, कुड्डालोर, मयिलादुतुराई, चेंगलपट्टू, विल्लुपुरम और तिरुवरुर जिलों में रेड अलर्ट घोषित है। रामेश्वरम-चेन्नई रेल मार्ग पर 11 ट्रेनों को या तो रद्द कर दिया गया है या उनका रूट डायवर्ट किया गया है। इंडिगो एयरलाइंस ने जाफना, तूतीकोरिन और तिरुचिरापल्ली की सभी उड़ानें अगले 48 घंटे के लिए स्थगित कर दी हैं।

पुडुचेरी में दो एनडीआरएफ टीमें तैनात हैं। वहां की सेंट्रल यूनिवर्सिटी ने सभी परीक्षाएं रद्द कर दी हैं। पुडुचेरी, कराईकल, माहे और यनम क्षेत्रों में सोमवार और मंगलवार को स्कूल-कॉलेज बंद रहेंगे। आंध्र प्रदेश के दक्षिणी तटीय जिलों श्रीकाकुलम, विजयनगरम और विशाखापट्टनम में भी 3 दिसंबर तक भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।

श्रीलंका में फंसे भारतीयों का सुरक्षित रेस्क्यू
तूफान का सबसे भयानक असर श्रीलंका पर पड़ा जहां कई इलाके पूरी तरह जलमग्न हो गए। भारतीय वायुसेना ने मानवीय सहायता और आपदा राहत मिशन के तहत शानदार काम किया है। वायुसेना के चिनूक और एमआई-17 हेलीकॉप्टरों ने दियाथलावा आर्मी कैंप और कोलंबो के आसपास फंसे 57 श्रीलंकाई सैनिकों को सुरक्षित कोटमाले पहुंचाया। इसके अलावा भारी भरकम परिवहन विमान आईएल-76 और सी-130जे सुपर हरक्यूलिस ने कोलंबो और त्रिंकोमाली में राहत सामग्री, एनडीआरएफ की टीमें और दवाइयां उतारीं। इन विमानों ने वापसी में श्रीलंका में फंसे करीब 120 भारतीय पर्यटकों और तीर्थयात्रियों को भी भारत सुरक्षित लाया। विदेश मंत्रालय ने बताया कि ऑपरेशन अभी जारी है और कोई भी भारतीय नागरिक वहां नहीं छूटेगा।

आगे क्या?
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार ‘दितवाह’ अभी डिप्रेशन से डीप डिप्रेशन की श्रेणी में है और अगले 24 घंटों में यह चक्रवाती तूफान (Cyclonic Storm) में बदल सकता है। हवा की गति 70-80 किमी प्रति घंटा तक पहुंचने का अनुमान है, जिसके साथ 100 किमी तक रफ्तार की झक्कड़ और 200 मिमी से ज्यादा बारिश हो सकती है। तटीय इलाकों में समुद्र में 3-4 मीटर ऊंची लहरें उठने की आशंका है, इसलिए मछुआरों को 4 दिसंबर तक समुद्र में न जाने की सख्त हिदायत दी गई है।

तमिलनाडु सरकार ने सभी जिला कलेक्टरों को निर्देश दिए हैं कि निचले इलाकों को खाली करवाएं, राहत शिविरों में भोजन-पानी की पूरी व्यवस्था रखें और बिजली-पानी की आपूर्ति बहाल करने के लिए टीमें तैयार रखें। मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने खुद चेन्नई स्थित स्टेट इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर से पूरी स्थिति पर नजर रखी हुई है।

प्रकृति का यह प्रकोप एक बार फिर याद दिलाता है कि जलवायु परिवर्तन के दौर में तटीय राज्यों को हर साल ऐसी आपदाओं के लिए और मजबूत तैयारी करनी होगी। फिलहाल सबसे बड़ी प्राथमिकता हर जरूरतमंद तक राहत पहुंचाना और जान-माल का नुकसान कम से कम करना है।

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