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By: Ravindra Sikarwar

भिंड: मध्य प्रदेश के भिंड जिले में एक बार फिर पुराने रंजिश और छोटी-सी बात ने खूनी खेल खेल दिया। गोहद चौराहा थाना क्षेत्र के डांग गांव में रविवार देर रात करीब 11 बजे उस समय सनसनी फैल गई, जब रास्ते से गुजरने को लेकर शुरू हुए मामूली विवाद ने एक युवक की जान ले ली। हमलावरों ने ताबड़तोड़ गोलियां चलाईं, जिनमें से एक गोली सीधे युवक के सीने में जा धंसी। घायल अवस्था में परिजन उसे तुरंत ग्वालियर के निजी अस्पताल ले गए, लेकिन इलाज के दौरान रात करीब दो बजे उसने दम तोड़ दिया।

मृतक की पहचान गौरव गुर्जर (उम्र करीब 28 वर्ष) पुत्र रामसिंह गुर्जर, निवासी डांग गांव के रूप में हुई है। परिजनों और ग्रामीणों का कहना है कि गौरव अपने घर के पास ही बने रास्ते से रोजाना आता-जाता था। उसी रास्ते को लेकर गांव के कुछ लोगों से उसकी पुरानी रंजिश चल रही थी। रविवार रात भी जब वह उसी रास्ते से घर लौट रहा था, तभी आरोपियों ने उसे रोक लिया। पहले तो कहा-सुनी हुई, फिर देखते-देखते बात हाथापाई तक पहुंच गई और इसके बाद आरोपियों ने कट्टे से फायरिंग शुरू कर दी।

ग्रामीणों ने बताया कि फायरिंग की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक गौरव जमीन पर लहूलुहान पड़ा था। गोली उसके सीने के आर-पार हो गई थी। परिजनों ने फौरन उसे एम्बुलेंस से ग्वालियर के जयारोग्य अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलते ही गोहद चौराहा पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भिंड भेज दिया।

इस घटना में सबसे बड़ा सनसनीखेज पहलू यह है कि मुख्य आरोपी गांव का ही एक व्यक्ति बताया जा रहा है, जो स्थानीय भाजपा नेता का बेहद करीबी माना जाता है। ग्रामीणों और मृतक के परिजनों का सीधा आरोप है कि भाजपा नेता के इशारे पर ही यह हत्या कराई गई, क्योंकि रास्ते का विवाद काफी दिनों से चल रहा था और कई बार बीचबचाव भी हो चुका था। परिजनों ने पुलिस पर भी दबाव बनाने का आरोप लगाया है कि आरोपी प्रभावशाली होने की वजह से अब तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है।

सोमवार सुबह जब यह खबर पूरे इलाके में फैली तो डांग गांव में मातम पसर गया। गौरव अपने परिवार का इकलौता कमाऊ सदस्य था। उसकी शादी अभी तीन साल पहले ही हुई थी और एक ढाई साल का मासूम बच्चा भी है। पत्नी और मां का रो-रोकर बुरा हाल है। घर के बाहर लोगों का तांता लगा हुआ है। गुस्साए परिजनों और ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द से जल्द आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई तो वे उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगे।

पुलिस का कहना है कि मामले में हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और आरोपियों की तलाश की जा रही है। गोहद चौराहा थाना प्रभारी ने बताया कि घटना पुरानी रंजिश की वजह से हुई प्रतीत हो रही है। फरार आरोपियों के नाम सामने आ गए हैं और जल्द ही उन्हें पकड़ लिया जाएगा। हालांकि परिजन पुलिस के इस बयान से संतुष्ट नहीं हैं। उनका कहना है कि आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं और राजनीतिक दबाव की वजह से पुलिस हाथ पीछे खींच रही है।

यह कोई पहली घटना नहीं है जब भिंड-मुरैना क्षेत्र में रास्ते, खेत या जरा-सी बात को लेकर खूनी संघर्ष हो रहा हो। गुर्जर और अन्य समुदायों के बीच समय-समय पर इस तरह की रंजिशें सामने आती रही हैं। प्रशासन और पुलिस की लाख कोशिशों के बावजूद ऐसी घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। डांग गांव की इस ताजा वारदात ने एक बार फिर इलाके में तनाव का माहौल बना दिया है। दोनों पक्षों के लोग एक-दूसरे को देखते ही भड़क जाते हैं, जिससे कभी भी बड़ा बवाल होने की आशंका बनी हुई है।

फिलहाल पुलिस ने गांव में अतिरिक्त फोर्स तैनात कर दी है ताकि हालात बेकाबू न हों। परिजनों ने मुख्यमंत्री से लेकर जिला प्रशासन तक गुहार लगाई है कि दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाए। दूसरी तरफ भाजपा नेता ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा है कि उनका इस घटना से कोई लेना-देना नहीं है और राजनीतिक रंग देना गलत है।

यह हत्याकांड एक बार फिर यह सवाल खड़ा करता है कि आखिर छोटे-छोटे विवादों को सुलझाने के लिए पंचायतें और समझाइश क्यों कारगर नहीं हो पा रही हैं? और कब तक निर्दोष लोग अपनी जान गंवाते रहेंगे? गौरव गुर्जर की मौत ने न सिर्फ एक परिवार को उजाड़ दिया है, बल्कि पूरे गांव को दहशत में डाल दिया है।

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